पैंटी भी फाड़ दी।मेरी चूत पहले से गीली थी।उन्होंने मुझे ट्रक की सीट पर लिटाया और घुटनों के बल बैठकर चूत चाटने लगे।
मेरा नाम नेहा है, उम्र २३ साल, फिगर साइज ३४-२८-३६। मैं दिखने में गोरी-मटियाली हूं, लेकिन मेरी चूत की आग ने मुझे अंदर से पूरी रंडी बना दिया था। कोई बॉयफ्रेंड नहीं था, इसलिए सहेलियों की चुदाई की कहानियां सुनकर मैं रात-रात भर अपनी चूत में उंगलियां डालकर राहत ढूंढती थी।
तो अब मेरी सेक्स डिजायर वाली कहानी शुरू करती हूं। मैं नेहा अपनी दुनिया में खुश रहती थी। मेरी सहेलियों के बॉयफ्रेंड थे और वे सब उनके साथ जवानी का पूरा मजा लेती थीं।
चुदाई के बाद जब वे मिलतीं तो चटखारे ले-लेकर अपनी चुदाई के किस्से सुनातीं — “उसका लंड कितना मोटा था… पूरी रात चोदा… मेरी चूत फाड़ दी…
” मैं उनकी बातें सुनकर गर्म हो जाती और घर आकर अपनी सलवार उतारकर बेड पर लेट जाती। उंगलियां अपनी गीली चूत में डालकर जोर-जोर से हिलाती और कल्पना करती कि कोई मोटा लंड मेरी चूत फाड़ रहा है। एक दिन मेरी सहेली फोन पर किसी पॉर्न साइट पर चैट कर रही थी।
मैंने देखा तो उससे पूछा कि ये सब कैसे करते हैं। उसने मेरी भी आईडी बना दी। अब मैं भी रोज उस साइट पर आने लगी, लेकिन मुझे कोई मैसेज नहीं आता था।
एक दिन सहेली ने पूछा, “चैट हो रही है न? अब तो मजा आ रहा होगा! ” मैंने सारी बात बताई।
उसने मेरा फोन लिया, मेरी प्रोफाइल में ४-५ बहुत गंदी और अश्लील फोटोज डाल दीं — मेरी चूचियों की क्लोजअप, गांड़ की तस्वीरें, और चुदाई वाला मसाला लिख दिया। “अब देख, कितने लंड तेरी चूत के लिए तरसेंगे। ”मैं शाम को घर आ गई।
अगले दो दिन कॉलेज की छुट्टी थी, तो मैं घर के काम में व्यस्त रही। रविवार की रात मैं बोर हो रही थी। सोचा कि अब साइट खोलकर वीडियो देखूं और अपनी चूत को ठंडा कर लूं।
मैंने कमरे को अंदर से बंद किया, सलवार उतारकर बेड पर बैठ गई। पैंटी भी उतार दी। मेरी चूत पहले से गीली थी।
मैंने पॉर्न साइट खोली तो एक मैसेज आया हुआ था। मैंने खोला तो एक आदमी ने मेरी फोटोज की खूब तारीफ की थी। “बहुत सेक्सी चूचियां और गांड़ है तेरी…
चोदने का मन कर रहा है। ” मैं बहुत खुश हुई और रिप्लाई कर दिया। अब मैं गंदी फिल्म देखकर अपनी चूत में उंगलियां डालने लगी।
थोड़ी देर बाद उस आदमी का रिप्लाई आया और उसने अपने लंड की तस्वीर भेजी। “लंड पसंद आया हो तो बोल। ” उसका लंड देखकर मेरी चूत पानी छोड़ने लगी।
बहुत लंबा, मोटा, नसों वाला। मैंने रिप्लाई किया, “बहुत अच्छा है… ”वो — “तुम कहां से हो?
” मैंने जगह बता दी। वो — “बहुत सेक्सी हो… आज तक कितने लंड चूस चुकी हो?
” मैं — “अभी तक एक भी नहीं। ” वो — “झूठ बोल रही हो… तेरी चूत की फोटो देखकर लगता है कि तू पूरी रंडी है।
” मैं — “वो मैंने ऐसे ही लगा दी। ” वो — “तो अपनी असली चूत दिखा दो न! ” मैं — “नहीं!
” वो — “अच्छा तो अपनी एक सेक्सी फोटो तो भेज दो। ” मैंने एक फोटो भेज दी। उसने खूब तारीफ की।
मैं खुश हो गई। अब जब भी मौका मिलता, हम गंदी-गंदी बातें करने लगे। कुछ दिनों बाद हमने नंबर शेयर कर लिए।
अब वीडियो कॉल पर भी नंगे होकर बात करते। कभी-कभी वो अपना लंड दिखाता और मैं अपनी चूत उंगलियों से चोदती। एक दिन हम दोनों नंगे होकर बात कर रहे थे।
उसने कहा, “नेहा, मैं कोई जवान लड़का नहीं हूं। मैं ४५ साल का हट्टा-कट्टा मर्द हूं, सuresh अंकल। ” मैंने सोचा मजाक कर रहा है।
वो बोला, “लोगी मेरे लंड को? ” मैंने कहा, “कब से तड़प रही हूं… पर आप आते ही नहीं।
” वो बोला, “रात को १० बजे घर से बाहर आ सकती हो? ”मैंने हां कर दी। रात को ठीक १०:१० पर उसका फोन आया, “कहां हो?
मैं बाहर इंतजार कर रहा हूं… जल्दी आओ! ” मैं घबरा गई क्योंकि मैंने उसे अपना पता नहीं बताया था।
फिर भी घर के पीछे वाले दरवाजे से बाहर निकली। अंधेरा था। तभी एक हाथ आया और मेरे मुंह पर लग गया।
मैं डर गई। पीछे देखा तो पड़ोस के सुरेश अंकल थे। “अंकल…
ये क्या? ” अंकल बोले, “वही जो रोज फोन पर करते थे। ”अंकल ने मुझे पकड़ लिया और होंठों पर किस करने लगे।
पागलों की तरह चूस रहे थे। मेरी कमीज के ऊपर से चूचियों को दबाने लगे। मैंने धक्का दिया, लेकिन अंकल ने मुझे ट्रक के पास खींच लिया।
ट्रक का गेट खोला और मुझे अंदर ले गए। अंदर अंधेरा था। अंकल ने मुझे लिटाया और कपड़े फाड़ने लगे।
मैं पूरी नंगी हो गई। अंकल भी नंगे हो गए। उनका मोटा, काला लंड खड़ा था।
“चूस रानी… पूरा चूस! ” उन्होंने मेरे चूचे पकड़कर मसले।
मैंने उनका लंड मुंह में लिया और जोर-जोर से चूसने लगी। अंकल मेरे बाल पकड़कर मुंह चोद रहे थे। “आह…
नेहा… बहुत अच्छा चूसती है… गला तक ले…
”फिर अंकल ने मुझे लिटाया और मेरी चूत चाटने लगे। जीभ अंदर डालकर चोद रहे थे। “आह…
अंकल… चूसो मेरी चूत… हां…
और तेज… ” मैं झड़ गई। अंकल मेरे ऊपर चढ़ गए और लंड मेरी चूत पर रखा।
एक जोरदार झटके में पूरा लंड घुसा दिया। “आआह… फाड़ दी…
बहुत मोटा है अंकल… आह… चोदो मुझे…
”अंकल तेजी से चोदने लगे। “साली रंडी… तेरी चूत बहुत टाइट है…
आज फाड़कर रख दूंगा… ” मैं चीख रही थी, “हां अंकल… फाड़ दो…
मेरी चूत आपकी है… जोर से चोदो… ” उन्होंने मेरी गांड़ पर थप्पड़ मारे और चोदा।
आखिरकार उन्होंने मेरी चूत में वीर्य भर दिया। उसके बाद अंकल ने मेरी गांड़ भी चोदी। शैंपू लगाकर लंड घुसाया और जोर-जोर से ठोका।
“आह… गांड़ फाड़ दी… मजा आ रहा है अंकल…
चोदो मेरी गांड़… ” उस रात अंकल ने मुझे कई बार चोदा। सुबह होने तक मेरी चूत और गांड़ दोनों सूज गई थीं, लेकिन मन बहुत खुश था।
अब अंकल जब भी मौका मिलता, मुझे चोदते। कभी ट्रक में, कभी उनके घर में। एक दिन अंकल ने अपने दोस्त को भी बुलाया और दोनों ने मिलकर मुझे चोदा।
उस रात के बाद मेरी चूत और गांड़ दोनों सूज गई थीं, लेकिन मन में एक अनोखी तृप्ति थी। सुरेश अंकल की उम्र ४५ साल थी, लेकिन उनका लंड किसी जवान से कम नहीं था — मोटा, लंबा और हमेशा तैयार। अगले कुछ दिन मैं कॉलेज नहीं गई।
घर पर लेटी रहती और अंकल की याद में अपनी चूत में उंगलियां डालती। “आह… अंकल…
फिर चोदो मुझे… मेरी चूत फाड़ दो… ” मैं खुद को चोदते हुए झड़ जाती।
तीन दिन बाद अंकल का मैसेज आया — “रात १० बजे ट्रक के पास आ जाना। ” मैं बेचैनी से इंतजार करने लगी। रात को १० बजते ही मैं घर के पीछे वाले दरवाजे से निकली।
अंधेरा था। अंकल पहले से ट्रक के पास खड़े थे। उन्होंने मुझे देखते ही खींचकर ट्रक के अंदर ले लिया और दरवाजा बंद कर दिया।
“नेहा… तेरी चूत की याद में मेरा लंड रात-रात भर खड़ा रहता है,” उन्होंने कहा और मेरे होंठों को चूसने लगे। किस इतना जंगली था कि मेरी सांसें फूल गईं।
अंकल ने मेरी सलवार खींचकर उतारी। पैंटी भी फाड़ दी। मेरी चूत पहले से गीली थी।
उन्होंने मुझे ट्रक की सीट पर लिटाया और घुटनों के बल बैठकर चूत चाटने लगे। जीभ पूरी तरह अंदर डालकर चोद रहे थे। “आह…
अंकल… चूसो मेरी चूत… हां…
जीभ अंदर घुसाओ… मैं झड़ने वाली हूं… ”मैं झड़ गई।
अंकल ने अपना मोटा लंड निकाला। “चूस रंडी… पूरा मुंह भर ले।
” मैंने घुटनों के बल बैठकर उनका लंड मुंह में ले लिया। जोर-जोर से चूसने लगी। अंकल मेरे बाल पकड़कर मुंह चोद रहे थे।
“आह… नेहा… बहुत अच्छा चूसती है…
गला तक ले… साली रंडी… ”फिर उन्होंने मुझे कुतिया बनाया और पीछे से पूरा लंड मेरी चूत में ठेल दिया।
“आआह… फाड़ दी… अंकल का लंड बहुत मोटा है…
जोर से चोदो… ” अंकल तेजी से धक्के मार रहे थे। मेरी चूचियां लहरा रही थीं।
उन्होंने मेरी गांड़ पर जोर-जोर से थप्पड़ मारे। “साली… तेरी गांड़ बहुत मस्त है…
आज गांड़ भी चोदूंगा। ”उस रात अंकल ने मुझे तीन बार चोदा — पहले चूत में, फिर गांड़ में और आखिर में मुंह में। जब वो झड़ते तो उनका गर्म वीर्य मेरी चूत या गांड़ में भर जाता।
मैं पूरी तरह उनकी रंडी बन गई थी। अगले दिन अंकल ने मुझे अपने दोस्त राजेश अंकल के साथ चोदने का प्लान बताया। मैं शरमा गई, लेकिन अंदर से उत्सुक भी थी।
रात को दोनों अंकल ट्रक में आए। सुरेश अंकल ने मुझे नंगा किया और राजेश अंकल मेरे चूचे चूसने लगे। “बहुत मस्त माल है…
चूचियां कितनी भरी हुई हैं,” राजेश अंकल बोले। दोनों ने मुझे बीच में लिटाया। सुरेश अंकल मेरी चूत चोद रहे थे और राजेश अंकल मुंह चोद रहे थे।
मैं दो लंडों से चुद रही थी। “आह… दोनों अंकल…
फाड़ दो मेरी चूत और मुंह… मैं आपकी रंडी हूं… ” वे दोनों गंदी-गंदी गालियां दे रहे थे — “साली रंडी…
बहन की लौड़ी… आज तेरी दोनों छेद फाड़ देंगे… ”उस रात उन्होंने मुझे कई बार चोदा।
कभी दोनों एक साथ, कभी बारी-बारी। मेरी चूत, गांड़ और मुंह सब भर गए। मैं पूरी तरह थक गई थी, लेकिन खुश भी।
अब ये सिलसिला जारी है। अंकल जब भी मौका मिलता, मुझे चोदते। कभी ट्रक में, कभी उनके घर में, कभी उनके दोस्तों के साथ।
मेरी चूत अब उनकी हो चुकी है। सुरेश अंकल और उनके दोस्त राजेश अंकल ने मुझे पूरी तरह रंडी बना दिया था। अगले कुछ दिन मैं घर पर ही रही।
हर रात सपने में देखती कि दोनों अंकल मुझे बीच में लेकर चोद रहे हैं — एक चूत में, दूसरा गांड़ में। मैं नींद में ही कराह उठती और अपनी चूत में उंगलियां डालकर झड़ जाती। एक हफ्ते बाद सुरेश अंकल का मैसेज आया — “आज रात ११ बजे पुरानी कोठरी के पास आ जाना।
राजेश भी आएगा। ” मेरा दिल जोर से धड़का। शर्म भी लग रही थी, लेकिन चूत पहले से गीली हो चुकी थी।
रात को ११ बजे मैं घर से निकली। पुरानी कोठरी गांव के बाहर थी, जहां कोई आता-जाता नहीं था। दोनों अंकल पहले से वहां थे।
सुरेश अंकल ने मुझे देखते ही खींचकर चूम लिया। “रंडी… तेरी चूत की याद में मेरा लंड रात भर खड़ा रहता है।
” राजेश अंकल ने मेरी साड़ी का पल्लू खींचा और चूचियों को दबाने लगे। “बहुत मस्त माल है… आज तेरी दोनों छेद फाड़ देंगे।
”वे दोनों मुझे कोठरी के अंदर ले गए। अंदर पुरानी चटाई बिछी थी। उन्होंने मेरी साड़ी पूरी उतार दी।
ब्लाउज और ब्रा फाड़ दी। मेरी भरी हुई चूचियां नंगी हो गईं। दोनों अंकल मेरे चूचों पर टूट पड़े।
सुरेश अंकल एक चूची चूस रहे थे, राजेश अंकल दूसरी को काट रहे थे। “आह… अंकल…
जोर से चूसो… काटो मेरे निप्पल… हां…
मुझे बहुत मजा आ रहा है… ”मैं तड़प रही थी। उन्होंने मुझे चटाई पर लिटाया।
सुरेश अंकल मेरी चूत चाटने लगे और राजेश अंकल अपना मोटा लंड मेरे मुंह में ठेलने लगे। “चूस रंडी… पूरा गला तक ले…
” मैं दोनों तरफ से चुद रही थी। सुरेश अंकल की जीभ मेरी चूत में घुस रही थी, राजेश अंकल का लंड मेरे मुंह को फाड़ रहा था। कुछ देर बाद उन्होंने मुझे घोड़ी बनाया।
सुरेश अंकल पीछे से मेरी चूत में लंड घुसा रहे थे और राजेश अंकल मुंह चोद रहे थे। “आह… फाड़ दो मेरी चूत…
और जोर से… मैं आपकी रंडी हूं… चोदो मुझे…
” दोनों अंकल गंदी-गंदी गालियां दे रहे थे — “साली बहन की लौड़ी… तेरी चूत बहुत टाइट है… आज फाड़कर रख देंगे…
गांड़ भी चोदेंगे… ”सुरेश अंकल ने मेरी चूत में झड़ दिया। फिर राजेश अंकल ने मुझे पेट के बल कर दिया और मेरी गांड़ में लंड घुसाया।
“आह… गांड़ फाड़ दी… बहुत मोटा है…
जोर से चोदो… ” राजेश अंकल मेरी गांड़ चोद रहे थे और सुरेश अंकल मेरे चूचे दबा रहे थे। मैं बार-बार झड़ रही थी।
उस रात उन्होंने मुझे कई बार चोदा। कभी दोनों एक साथ — एक चूत में, दूसरा गांड़ में। कभी बारी-बारी।
कभी मैं ऊपर, कभी वे मुझे उठाकर चोद रहे थे। मेरी चूत, गांड़ और मुंह सब भर गए। आखिरकार दोनों अंकल मेरे शरीर पर झड़ गए।
मैं पूरी तरह थक गई थी, लेकिन खुश भी। अब ये सिलसिला जारी है। कभी-कभी अंकल अपने और दोस्तों को भी बुलाते हैं।
मैं अब उनकी पूरी रंडी बन चुकी हूं।
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