गांव के चरवाहे कलुआ और चाची का अनोखा राज़ – Village Hindi Adult Story

दोस्तों, मेरा नाम अमित है। बिहार के एक छोटे से गाँव का रहने वाला हूँ। उम्र इक्कीस साल।

रंग थोड़ा साँवला है इसलिए गाँव वाले मुझे कलुआ कहते हैं। सब मुझे बावला भी कहते हैं क्योंकि मैं बहुत बोलता हूँ। सुबह से शाम तक बकबक करता रहता हूँ।

गाँव वाले कहते हैं “कलुआ मुँह नहीं बंद करता”। इसी वजह से कोई मुझे शक की निगाह से नहीं देखता। औरतें-लड़कियाँ भी मेरे साथ खुलकर बात कर लेती हैं।

गाँव रूढ़िवादी है, लेकिन मेरे ऊपर किसी को शक नहीं होता। उस दिन मैं भैंस चराने निकला था। भैंस को खेत की तरफ हाँक रहा था।

धूप तेज थी। तभी देखा कि आगे वाले खेत में एक आंटी घास काट रही है। उम्र करीब चालीस की होगी।

खेतों में काम करने से उनका बदन साइज ज़ीरो हो गया था, लेकिन गांड और चूचियाँ बहुत टाइट और बड़ी थीं। पतली कमर, उभरी हुई गांड और कसे हुए मम्मे। मैं पास गया और बोलने लगा, “आंटी, इतनी धूप में अकेले घास काट रही हो?

भैंस के लिए है क्या? ”आंटी ने मुस्कुराकर कहा, “हाँ बेटा, जानवरों के लिए। तू मदद कर देगा तो बोरा सिर पर रखवा दे।

”मैंने झट से हाँ कह दी। घास का बड़ा बोरा था। आंटी झुकीं तो उनकी सलवार टाइट हो गई।

गांड गोल-गोल और कसी हुई दिख रही थी। पसीना उनके पूरे बदन पर चमक रहा था। माथे पर, बाजू के नीचे काले बालों वाली बगल में, और पीठ से बहता पसीना सीधा गांड की दरार की तरफ जा रहा था।

मैंने बोरा उठाया। आंटी सिर झुकाकर खड़ी हो गईं। जब मैं बोरा उनके सिर पर रख रहा था, तो मेरा हाथ उनकी गर्दन और कंधे से छू गया।

पसीने की गंध और उनके गरम बदन ने मेरे काले मोटे लंड को तुरंत खड़ा कर दिया। बोरा रख दिया। आंटी बोलीं, “धन्यवाद बेटा।

”मैंने देखा कोई आसपास नहीं है। खेत सूना था। मैंने हिम्मत करके कहा, “आंटी, पसीना बहुत आ रहा है आपके।

क्या मैं आपकी पीठ पोछ दूँ? ”आंटी हँसीं, “पागल है क्या तू? चल काम कर।

”मैंने पीछे से उनकी कमर पकड़ ली। आंटी चौंकीं लेकिन चिल्लाईं नहीं। मैंने उनकी साडी और साया का नाडा एक घटके में खोल दिया।

साया नीचे गिर गया। आंटी चौक गयी, सिर्फ पैंटी बची। मैंने पैंटी भी खींच दी।

उनकी नंगी गांड मेरे सामने थी – गोल, टाइट और पसीने से चमक रही थी। उनकी गोल बड़ी सी बहार की तरफ निकली गांड को देखकर मेरी ऑंखें लाल वासना से भर गयी थी मेरा पूरी शरीर में कम्पन होने लगी थी, उनकी गदरायी जिस्म देख के मेरा गाला सूखने लगा और लुंड कड़ा होने लगा थ। उधरआंटी भौचक्की मेरी और देख रही थी, इतने में वो कुछ बोल पाती मैंने झट से उनकी ब्लाऊज़ का हुक भी खोल दिया और एक झटके में आंटी कि ब्रा को भी फाड दि।

आंटी की बड़े बड़े सुडौल चूचियों और कड़क निप्पल को देखकर मेरी अंदर की वासना की आग और भड़क उठी, बस उनकी चूचियों को मुँह में लेकर चूसने चबाने का करने लगा तभी आंटी ने सर से बोझ उतार एक जोरदार का तमाचा मारा और गाली देने लगी, हरामी, कुत्ते बोलते हुवे मुझे एक और चाटा लगाया। आंटी कि ऐसा करते ही मई समझ गया आंटी ऐसे नहीं मानने वाली तो मैंने आंटी को कहा की अब मै आपकी बूर छोड़ क़े ही दम लूंगा अगर आप नहीं मानी तो आपको अपने कपड़ो क़े बिना नंगे घर जाना होग। आंटी मेरी बात सुन क़े हक्का बक्का रह गयी, उनको समझ में नहीं आ रहा था को वो क्या कर।

नंगे घर जा भी नहीं सकती और बूर देगी तो अपने पति को क्या मुँह दिखाएग। आंटी मेरे सामने गिड़गिड़ाई, भिक मांगे लगी की मुझे मेरे कपडे लौटा दो, मुघे जाने दो, मै तुम्हारे माँ की उम्र की ह। तुम्हारी उम्र की मेरी बेटी है, मुझे जाने दो लेकिन मेरे अंदर हवस की घर कर गयी थी, मेरा लुंड उनकी टाइट बड़ी गांड और बड़ी बड़ी चूचिया देखकर फटा जा रहा थ।

मैंने उनकी एक ना सुनी आखिर कार आंटी को मेरे सामने हार माननी पड़ी और मैंने सबसे पहले उनकी चूचिया मुँह में लेके चूसने लगा, मै इतने जोर से उनकी चूचियों को चूस रहा था की उनकी कराह निकल गय। फिर मै उनके पीछे आ गया उनकी नंगी गांड मेरे सामने थी – गोल, टाइट और पसीने से चमक रही थी। मैंने गांड के दोनों लोथों को फैलाया और बीच की दरार में जीभ डाल दी।

गांड का छेद चाटने लगा। आंटी कराह उठीं, “अरे… ये क्या कर रहा है… कोई देख लेगा…”मैंने कहा, “कोई नहीं है आंटी। चुपचाप मजा लो।

” मै अच्छे से उनकी पसीने से लथपत गांड को चाटने लगा अजीब सा मदहोश करने वाला स्वाद आ रहा था गांड की छेद मै इतने जोश में आ चूका था की उनकी गांड की छेद को अपने दातो से चबाने लगा, मेरा इतना करना था की आंटी की मुँह से कराह निकल गयी और उनकी बूर ने ढेर सार पानी छोड़ दिया जोस सीधे गांड की छेद से होक मेरे मुँह में आ रहा था और मै उनको पिने लगा। फिर मैंने उनकी बूर चाटने लगा, उनकी बूर से आग निकल रही थी इतनी गरम बूर मैंने आज तक नहीं देखि थ। बूर चाटते मेरी नजर उनकी पेशाब वाली छेद पे पड़ी जो 2 इंच का हो गया था, मेरे से रहा नहीं गया मैंने उनकी पेशाब वाली छेद को मुँह में लेकर चूसने लगा, आंटी पूरी पागल हो गयी जोश में और मुझे गली देने लगी, भडवेम मादरचोद जाके अपनी माँ का बूर पेल, गाली सुनके मिझे गुस्सा आने लगा मैंने गुस्से में अपना मोटा काला 9 इंच का लंड उनकी टाइट बूर में डालने की कोशिश करने लगा लेकिन आंटी मान नहीं रही थी पर जैसे ही मैंने अपना लंड उनकी बूर डाला तो उनको मेरी लंड की मोटाई का अहसास हुवा की यह मेरे पति क़े लंड से कितना मोटा है, मेरा लंड उनकी बुर में पूरा टाइट जा रहा था, जिसे ही मेरा आधा लंड उनके बूर में गया आंटी का जिस्म पूरा अकड़ गया उनके मुँह से एक जोरदार चीख निगल गयी, “आह्ह्ह… बेटा… धीरे…” आंटी चिल्लाईं।

मैंने उनकी कमर पकड़कर जोर-जोर से धक्के मारने शुरू कर दिए। बूर पच-पच कर रही थी। पसीने से उनका बदन फिसल रहा था।

मैंने चूचियाँ भी दबानी शुरू कर दीं। ब्लाउज के ऊपर से मसल रहा था। दस-बारह मिनट बूर चोदने के बाद मैंने लंड निकाला और सीधे गांड के छेद पर लगा दिया।

थूक लगाकर एक जोर का धक्का मारा। आधा लंड गांड में घुस गया। आंटी चीखीं, “उई माँ… गांड फट गई… निकाल…!

” मैंने उनकी कमर पकड़कर जोर-जोर से धक्के मारने शुरू कर दिए। बूर पच-पच कर रही थी। पसीने से उनका बदन फिसल रहा था।

मैंने चूचियाँ भी दबानी शुरू कर दीं। ब्लाउज के ऊपर से मसल रहा था। दस-बारह मिनट बूर चोदने के बाद मैंने लंड निकाला और सीधे गांड के छेद पर लगा दिया।

थूक लगाकर एक जोर का धक्का मारा। आधा काला लंड गांड में घुस गया। आंटी चीखीं, “उई माँ… गांड फट गई… निकाल…!

”मैंने और जोर लगाया। पूरा काला मोटा लंड उनकी गांड के छेद में समा गया। अब ताबड़तोड़ गांड चोदने लगा।

हर धक्के के साथ उनकी मोटी गांड हिल रही थी। पसीना बह रहा था। मैं उनकी गांड पर थप्पड़ भी मार रहा था।

“चोद… रांड की गांड चोद…! ” आंटी खुद बड़बड़ाने लगीं। मैंने बीस मिनट तक उनकी गांड चोदी।

फिर लंड निकालकर फिर से बूर में डाल दिया। दोनों छेद बारी-बारी से चोदता रहा। आंटी कई बार झड़ चुकी थीं।

उनकी बूर और गांड दोनों से पानी बह रहा था। आखिर में मैंने उनकी गांड के छेद में ही अपना गाढ़ा माल छोड़ दिया। गर्म वीर्य उनकी गांड में भर गया और बाहर टपकने लगा।

आंटी थककर खेत में बैठ गईं। मैंने उनका मुँह पकड़कर अपना काला लंड चूसने को कहा। उन्होंने सारा बाकी माल चूस लिया।

मैंने कहा, “आंटी, कल फिर आना। रोज घास काटना। ”आंटी मुस्कुराईं और बोलीं, “पागल… कोई देख लेगा तो जान ले लेगा।

”मैं हँसते हुए भैंस हाँककर चला गया। उस दिन के बाद मैंने कई बार उसी खेत में आंटी की बूर और गांड दोनों चोदीं। उस दिन खेत में जब मैं आंटी को चोद रहा था, तभी मेरे बचपन के दोस्त दीपक (उम्र 21) ने दूर से सब देख लिया था।

दीपक भी मेरे जैसा ही गाँव का लड़का है। शाम को जब मैं भैंस लेकर लौट रहा था, दीपक ने मुझे घेर लिया। “साले कलुआ!

मैंने सब देख लिया। तू कमला आंटी को चोद रहा था खेत में! ”मैं पहले तो झांसा देने की कोशिश किया, लेकिन दीपक ने साफ-साफ बोल दिया कि उसने मेरे काले मोटे लंड को आंटी की गांड में जाते हुए देखा है।

आखिरकार मैंने मान लिया। “हाँ यार, चोद लिया। क्या करेगा अब?

”दीपक की आँखों में चमक आ गई। वह बोला, “तेरी वजह से मौका मिल गया। कमला आंटी की बेटी रीना मुझे पसंद है।

रीना भी मुझसे बात करना चाहती है, लेकिन आंटी कभी मिलने नहीं देती। तू आंटी को मना कि वह हमें मिलने दे। ”रीना भी 21 साल की है, गोरी-चिट्टी, पतली कमर और गोल गांड वाली लड़की।

वह दीपक को पसंद करती थी, लेकिन माँ सख्त थी। अगले दिन मैं फिर खेत में गया। कमला आंटी घास काट रही थीं।

मैंने पास जाकर उनकी कमर पकड़ ली। आंटी पहले तो चौंकीं, लेकिन जब मेरा काला मोटा लंड उनकी गांड से सटा तो वे चुप हो गईं। मैंने उनकी सलवार और पैंटी एक साथ खींच दी।

उनकी नंगी गांड पसीने से चमक रही थी। मैंने थूक लगाकर अपना काला लंड सीधे उनके गांड के छेद पर रखा और एक जोर का धक्का मार दिया। “आह्ह्ह… बेटा… गांड में…!

” आंटी कराह उठीं। मैंने पूरा लंड उनकी गांड में पेल दिया और जोर-जोर से धक्के मारने लगा। हर धक्के के साथ उनकी मोटी गांड हिल रही थी।

मैं उनके कान में धीरे से बोला, “आंटी… दीपक को रीना से मिलने की इजाजत दे दो… नहीं तो गाँव में बात फैला दूँगा कि तुम मुझसे गांड चुदवाती हो। ”आंटी दर्द और मजे से सिसक रही थीं। मैं उनकी गांड के छेद को फाड़ता हुआ चोद रहा था।

मेरा काला मोटा लंड उनकी गांड में अंदर-बाहर हो रहा था। पसीना बह रहा था। “बोलो आंटी… इजाजत दोगी ना?

” मैंने और जोर के धक्के मारे। आंटी ने कराहते हुए कहा, “हां… हां बेटा… दे दूँगी… बस धीरे… गांड फट रही है…”मैंने उनकी गांड और तेज चोदी। बीस मिनट तक ताबड़तोड़ धक्के मारता रहा।

आंटी कई बार झड़ गईं। आखिर में मैंने उनकी गांड के छेद में ही अपना गाढ़ा माल छोड़ दिया। गर्म वीर्य उनकी गांड से बाहर बहने लगा।

मैंने लंड निकाला और बोला, “याद रखना आंटी… रीना को दीपक से मिलने देना। ”आंटी थककर बैठ गईं और सिर हिलाया। दूसरे दिन शाम को दीपक और रीना खेत के किनारे पुराने पेड़ के नीचे मिले।

रीना पहले थोड़ी शर्मा रही थी, लेकिन दीपक ने धीरे-धीरे बात की। दोनों एक-दूसरे को पसंद करते थे। बातें करते-करते हाथ छू गए, फिर दीपक ने रीना का हाथ पकड़ लिया।

रीना ने धीरे से कहा, “दीपक… माँ को पता चल गया तो…”दीपक ने उसका मुँह बंद करते हुए चूम लिया। रीना ने पहले हल्का विरोध किया, फिर उसके होंठ चूसने लगी। दोनों का शरीर गरम हो गया।

दीपक ने रीना की कुर्ती के बटन खोले। उसके छोटे लेकिन कसे हुए चूचे बाहर आ गए। दीपक ने एक चूची मुँह में ले ली और चूसने लगा।

रीना कराह उठी। उसने दीपक का लंड पैंट के ऊपर से सहलाया। दोनों ने एक-दूसरे के कपड़े उतार दिए।

रीना नंगी लेट गई। दीपक ने उसकी बूर चाटी। रीना की बूर पहले से गीली थी।

फिर दीपक ने अपना लंड निकाला और धीरे-धीरे उसकी बूर में डाल दिया। “आह्ह्ह… दीपक… धीरे…” रीना ने सिसकी ली। दीपक ने प्यार से लेकिन गहरे धक्के मारने शुरू कर दिए।

रीना ने अपने पैर उसके कमर पर लपेट लिए। दोनों एक-दूसरे को चूम रहे थे। दीपक कभी उसके मम्मे चूसता, कभी होंठ।

रीना भी उसके पीठ पर नाखून रगड़ रही थी। कुछ देर बाद दीपक ने रीना को घुमाया और पीछे से चोदा। रीना की गांड उसके पेट से सट रही थी।

दोनों की साँसें तेज चल रही थीं। रीना कई बार झड़ चुकी थी। आखिर में दीपक ने उसकी बूर में ही अपना माल छोड़ दिया।

दोनों थककर लेट गए। रीना ने दीपक के सीने पर सिर रखकर कहा, “अब रोज मिलना… लेकिन माँ को पता नहीं चलना चाहिए। ”दीपक मुस्कुराया, “कलुआ संभाल लेगा।

”उस दिन के बाद दीपक और रीना कई बार मिले और खूब चुदाई की। कमला आंटी भी मुझे देखकर अब कुछ नहीं बोलती थीं। कहानी कैसी लगी?

अपनी राय कमेंट में जरूर बताएं। अगले भाग के लिए कमेंट करें और जुड़े रहें। कहानी कैसी लगी?

अपनी राय कमेंट में जरूर बताएं। अगले भाग के लिए कमेंट करें और जुड़े रहें।

Top 10 Stories on Kahani World

  1. विधवा चाची की दबी हुई आग – 8 साल की भूख
  2. सौतन और दूधवाला: रिहाना की मजबूरी – Sautan Doodhwala Hindi Sex Story
  3. डिलीवरी बॉय रजत और बुरक़ा वाली बीवी की सेक्स स्टोरी | Hindi Adult Story
  4. भातीजी रुक्साना और उसकी सहेली की बूर की पेलाई – Part 1 | Hindi Adult Story
  5. कुंजबिहारी के कारनामे – नई चाची की सुहाग रात | Village Sex Story
  6. एक संस्कारी पत्नी की जिस्म की गर्मी – Hindi Sex Story Part-2
  7. प्रिया की चुदाई – कक पति और काला कटा लंड | Cuckold Wife Sex Story Part-2
  8. हॉट एडल्ट स्टोरी – नेहा की गरम चुत की आग
  9. पहाड़ों में तीन दोस्तों के साथ सारा की रात | Kasol Trek Sex Story
  10. रियल सेक्स स्टोरी – नैना की नमकीन चुत

Leave a Comment