लखनऊ की उन पुरानी संकरी गलियों में जहां शाम ढलते ही चमेली की महक हवा में घुल जाती है और मंदिर की घंटियां दूर तक गूंजती हैं शर्मा परिवार का छोटा सा मकान था।
शर्मा जी रिटायर्ड सरकारी अधिकारी थे सख्त अनुशासन वाले और हिंदू रीति रिवाजों के कट्टर रक्षक।
उनकी इकलौती बेटी पूजा शर्मा मात्र चौबीस साल की थी लेकिन उसकी खूबसूरती किसी को भी दीवाना बना सकती थी।
गोरा चिट्टा रंग लंबे घने काले बाल जो कमर तक लहराते छत्तीस इंच की भरी भरी छातियां जो हर ब्लाउज की सिलाई को तान देतीं पतली कमर गोल मटोल नितंब और मोटी मांसल जांघें जो साड़ी में चलते वक्त लहराकर पुरुषों की निगाहें खींच लेतीं।
पूजा सिर्फ रूपवान नहीं थी वह दिल की बहुत गहरी भावुक और संवेदनशील लड़की थी। वह हमेशा ऐसे प्यार की तलाश में रहती थी जो शरीर के साथ साथ आत्मा को भी छू ले।
पूजा की मुलाकात अमजद से यूनिवर्सिटी कैंटीन में हुई। अमजद अट्ठाईस साल का मुस्लिम लड़का था सॉफ्टवेयर इंजीनियर लंबा चौड़ा कद काठी साफ सुथरा चेहरा और हमेशा सम्मानजनक व्यवहार।
पहली नजर में अमजद ने पूजा को कॉफी का कप बढ़ाया और मुस्कुराते हुए कहा आपकी मुस्कान देखकर लगता है पूरा दिन अच्छा बीत जाएगा।
पूजा शरमाई और बोली धन्यवाद। आप भी काफी फ्रेंडली लगते हो।
अमजद हंसा मैं अमजद हूं सॉफ्टवेयर में काम करता हूं। आप।पूजा ने जवाब दिया पूजा शर्मा। बी कॉम फाइनल ईयर।
बातें शुरू हुईं कॉलेज की पढ़ाई भविष्य के सपने परिवार और छोटी छोटी बातें। अमजद रोज मैसेज करता पूजा तुम्हारे साथ बात करके मेरी सारी थकान उतर जाती है। तुम्हारी हंसी सुनकर दिन अच्छा हो जाता है।
पूजा जवाब देती अमजद तुम्हारी बातें मुझे अच्छा लगता है। तुम हमेशा सुनते हो कभी जज नहीं करते।धीरे धीरे दोस्ती गहरी होती गई और प्यार में बदल गई।
अमजद उसे पार्क घुमाता हाथ थामकर कहता पूजा तुम मेरी जिंदगी का सबसे सुंदर हिस्सा हो। तुम्हारे बिना सब सूना लगता है।
पूजा मुस्कुराती अमजद तुम मुझे सुरक्षित महसूस कराते हो। लेकिन परिवार वो मानेंगे नहीं।
जब शादी की बात घर पहुंची तो पूरा घर तूफान में आ गया। शर्मा जी ने सीना फाड़कर कहा मुस्लिम लड़का बेटी समाज में हमारी इज्जत मिट्टी में मिल जाएगी। रीति रिवाज अलग हैं धर्म अलग है। बाद में पछताओगी।
पूजा रोते हुए बोली पापा अमजद अच्छा लड़का है। वो मुझे बहुत प्यार करता है।
मां रो रोकर पूजा के पैरों में गिर पड़ीं बेटा हमने तुम्हें इतनी मुश्किल से पाला। अलग धर्म में जाकर तू कैसे खुश रहेगी। समाज क्या कहेगा।
पूजा के भाई ने गुस्से में धमकी दी दीदी अगर ये शादी हुई तो घर से नाम कट जाएगा। पड़ोसी क्या कहेंगे। तुम्हें समझ नहीं आ रहा क्या।
पूजा रात रात भर तकिए में मुंह छुपाकर रोती। अमजद को फोन पर कहती अमजद मेरे परिवार ने मुझे तोड़ दिया है। पापा कह रहे हैं इज्जत चली जाएगी। मैं क्या करूं।
अमजद सांत्वना देता पूजा प्यार में ये सब आता है। हम साथ हैं ना। मैं तुम्हें कभी दुखी नहीं होने दूंगा। अमजद के घरवालों ने भी विरोध किया लेकिन दोनों का प्यार इतना मजबूत था कि उन्होंने कोर्ट मैरिज कर ली।
पूजा ने सब कुछ छोड़ दिया मां बाप का रोना भाई का गुस्सा पड़ोसियों की ताने परिवार की इज्जत। अमजद ने भी अपने परिवार से रिश्ता तोड़ा। शादी के बाद दोनों एक छोटे से दो बीएचके फ्लैट में बस गए।
शुरू के छह महीने स्वर्ग जैसे थे। अमजद पूजा को राजरानी की तरह रखता। रातें प्यार से भर देता। वह पूजा के स्तनों को चूमता चूत को सहलाता और अपना सर्कमसाइज्ड लिंग अंदर डालकर धीरे धीरे चोदता।
एक रात अमजद ने पूजा को गले लगाकर कहा पूजा तुम्हें आज बहुत अच्छा लग रहा है। तुम मेरी रानी हो।पूजा बोली अमजद तुम भी अच्छे हो लेकिन कभी कभी लगता है कुछ कमी रह जाती है।
अमजद पूछा क्या कमी बताओ ना। मैं सुधार लूंगा। पूजा शरमाकर चुप रह गई।
लेकिन पूजा को अंदर ही अंदर एक खालीपन महसूस होता। अमजद का लिंग साफ सुथरा मोटा और अच्छा था लेकिन पूजा को लगता कि वो पूरी तरह भरपूर संतोष नहीं दे पाता।
वह चुपचाप सोचती अमजद मुझे बहुत चाहता है फिर भी मेरे शरीर और दिल में कुछ अधूरा रह जाता है।
फिर एक दिन बिल्डिंग में बड़ा पानी का लीक हो गया। पूजा के फ्लैट की छत से पानी टपकने लगा दीवारें गीली हो गईं फर्श पर पोखर बन गया। बिल्डिंग कमेटी ने ग्राउंड फ्लोर पर रहने वाले प्लंबर अमित को बुलाया।
अमित उनतीस साल का बिहारी मर्द था मोटा तगड़ा शरीर चौड़ी छाती मांसल बाजू काली त्वचा पर पसीने की चमक और वो देसी लहजा जो पूजा के कानों में मिठास घोलता।
अमित ने फ्लैट में घुसते ही पूजा को ऊपर से नीचे तक देखा और मुस्कुराया अरे दीदी चिंता मत करो। मैं ठीक कर दूंगा। तुम्हारा घर तो स्वर्ग जैसा है।
पूजा बोली धन्यवाद। चाय पी लो पहले।
अमित काम करते हुए अपनी कहानी सुनाने लगा दीदी मैं बिहार के छोटे से गांव से हूं। बाप बीमार मां अकेली बहन की शादी करनी है। यहां कमाई के लिए आया। दिन भर काम रात को अकेलापन सताता है।
पूजा ने अपनी कहानी सुनाई मेरे परिवार ने विरोध किया था। अमजद से शादी की तो सबने कहा इज्जत चली गई। अब भी कभी कभी दर्द होता है।
अमित ने गहरी नजर से देखा और धीरे से कहा पूजा दीदी तुम बहुत बहादुर हो। प्यार के लिए सब छोड़ दिया। लेकिन कभी कभी औरत को वो मर्द चाहिए जो न सिर्फ शरीर को बल्कि दिल के घावों को भी संभाले। तुम अकेली नहीं हो।
पूजा का दिल धड़क उठा अमित तुम्हारी बातें सुनकर अच्छा लगता है। कोई मेरी बातें इतनी ध्यान से नहीं सुनता।
उस दिन के बाद अमित कई बार आने लगा। पूजा जानबूझकर छोटी मोटी प्रॉब्लम्स पैदा करने लगी। हर बार अमित आता काम करता और घंटों बातें होतीं।
एक शाम भारी बारिश में भीगकर अमित आया। पूजा ने तौलिए से उसके बाल और चेहरा पोंछा।
अमित बोला पूजा तुम्हारी आंखों में जो उदासी है वो मुझे रातों को सोने नहीं देती। अमजद भैया अच्छे इंसान हैं लेकिन वो ऑफिस के बोझ में तुम्हें वो समय और ध्यान नहीं दे पाते जो तुम्हें चाहिए। मैं समझता हूं तुम्हारा दिल कितना अकेला और टूटा हुआ है।
पूजा रो पड़ी अमित तुम सही कह रहे हो। परिवार की याद आती है। मां कहती थीं बेटा मत जा। अमजद अच्छा है लेकिन वो मेरे दर्द को नहीं समझ पाता।
अमित ने चुपचाप उसे गले लगाया पूजा तुम अकेली नहीं हो। तुम्हारे दर्द को मैं अपने सीने में समेट लूंगा। तुम्हारे सपनों को मैं अपना बना लूंगा। जब भी मन करे जब भी रोना आए मुझे बुला लेना।
मैं आऊंगा हमेशा। पूजा बोली अमित तुम्हारी बाहों में मुझे शांति मिलती है। तुम मेरी ताकत हो।
उस रात अमजद ऑफिस से थका हारा लौटा। पूजा ने खास लाल साड़ी पहनी थी। अमजद बोला रानी आज तो तूफान आने वाला है। तुम बहुत खूबसूरत लग रही हो।
अमजद ने उसे बाहों में भर लिया गहरे चुंबन दिए ब्लाउज खोला भरी हुई छातियों को चूमा चूसा पूजा तुम्हारे स्तन कितने नरम और गर्म हैं।
पूजा कराह उठी आह अमजद लेकिन मन में अमित था। अमजद ने साड़ी ऊपर की पैंटी खींची आज मैं तुम्हें बहुत प्यार करूंगा। उसने अपना लिंग घुसाया और चोदा। अमजद बोला पूजा तुम्हारी चूत कितनी टाइट है आज।
लेकिन पूजा को पूरा संतोष नहीं मिला। उसने अमजद को रोका आज नहीं बहुत थक गई हूं। अमजद निराश बोला ठीक है आराम करो।
पूजा ने फोन उठाया अमित अभी आओ। मुझे सिर्फ तुम्हारी बातें चाहिए तुम्हारी बाहें चाहिए।अमित दस मिनट में पहुंच गया। पूजा ने दरवाजा खोला। अमित ने पहले उसे गले लगाया पूजा आज मैं पहले तुम्हें सुनना चाहता हूं।
बताओ आज क्या हुआ परिवार की कोई याद आई अमजद ने कुछ कहा।
पूजा रो पड़ी अमित आज अमजद के साथ लेकिन मुझे तुम याद आ रहे थे। परिवार की याद आती है। मां का फोन आया था रो रही थीं।अमित ने उसके आंसू पोंछे पूजा मैं जानता हूं। तुमने सब कुछ छोड़ा लेकिन अंदर से अभी भी घाव हैं।
मैं तुम्हें वो परिवार देना चाहता हूं जो तुम्हें कभी नहीं मिला। मैं तुम्हारे बच्चे का बाप बन सकता हूं अगर तुम चाहो। मैं तुम्हारे सपनों को साकार करूंगा।
पूजा बोली अमित तुम्हारे साथ मुझे लगता है कि मैं पूरी हूं। अमजद अच्छा पति है लेकिन तुम मेरे दिल को छू लेते हो। तुम मेरी ताकत हो मेरी शांति हो।दोनों घंटों तक बातें करते रहे।
अमित बोला पूजा तुम मेरी दुनिया हो। तुम्हें देखकर लगता है कि मेरी सारी मेहनत सार्थक हो गई।
पूजा बोली अमित तुम्हारे बिना अब मैं अधूरी हूं। तुम न सिर्फ मेरी चूत भरते हो बल्कि मेरे घाव भी भरते हो।फिर जुनून फूट पड़ा। अमित ने पूजा की साड़ी खींची ब्लाउज के हुक तोड़े।
पूजा तुम्हारी छातियां कितनी भरी हुई हैं। इन्हें देखकर मेरा लंड खड़ा हो जाता है।
पूजा चीख उठी आह अमित और जोर से तुम्हारा स्पर्श मेरी आत्मा भर रहा है। अमित नीचे झुका पूजा की चूत चाटने लगा पूजा तुम्हारी चूत कितनी स्वादिष्ट है। मैं इसे चूस चूसकर खा जाऊंगा।
उसकी जीभ अंदर बाहर घूम रही थी क्लिटोरिस को चूस रहा था पूजा की चूत से गर्म रस की पहली धार निकलने लगी। पूजा का बदन तड़प उठा उसकी जांघें कांप रही थीं।
पूजा तड़पी अमित मैं तुम्हारे बिना नहीं रह सकती चूसो मुझे हां तुम मेरे हो।
पूजा झुक गई अमित की पैंट उतारी। उसका अनकट लंड बाहर निकला आठ इंच लंबा मोटा गाढ़ा छिलका भरा हुआ लाल सिरा चमकता। पूजा की आंखें नम हो गईं। उसने पहली बार अनसर्कमसाइज्ड लंड देखा था।
बस छूते ही उसके बदन में बिजली दौड़ गई।
कितना जिंदा कितना गर्म अमजद का तो साफ सुथरा था ये तो मेरी चूत के लिए जादू है। उसने दोनों हाथों से पकड़ा छिलके को ऊपर नीचे खींचा मुंह में लिया जीभ से खेला और गले तक उतारा।
अमित कराह उठा पूजा तुम्हारा ये प्यार ये मुंह मैं तुमसे सच्चा प्यार करता हूं।
अमित ने पूजा को बिस्तर पर पटक दिया जांघें चौड़ी कीं। लंड का छिलका भरा सिरा चूत पर रगड़ा। पूजा चीखी अंदर डालो अमित मुझे पूरी तरह भर दो भावनाओं से भी शरीर से भी।
अमित ने एक जोरदार झटका मारा पूरा लंड घुस गया। पूजा की आंखें उलट गईं आआह अमित ये छिलका अंदर रगड़ रहा है करंट दौड़ रहा है मेरी चूत जल रही है तुम मेरे हो मैं तुम्हारी।
अमित ने धीरे धीरे तेज किया। हर थ्रस्ट पर छिलका चूत की दीवारों को खुरचता गर्मी बढ़ाता। पूजा चीख रही थी जोर से चोदो अमजद का लंड तो कुछ नहीं तुम्हारा अनकट लंड मेरी जान है मैं तुमसे प्यार करती हूं अमित हां और तेज।
दोनों घंटों तक चोदते रहे। मिशनरी पोजीशन में अमित पूजा की आंखों में देखता पूजा तुम मेरी दुनिया हो। मैं तुम्हें कभी नहीं छोड़ूंगा।पूजा बोली अमित तुम मेरे सपने हो। डॉगी स्टाइल में अमित बाल खींचता तुम्हारे दर्द को मैं हमेशा अपने साथ बांटूंगा।
पूजा ऊपर आ गई खुद हिलती हुई स्तन उछालती हुई अमित तुमने मुझे नई औरत बना दिया मैं तुम्हारी हूं पूरी तरह। पूजा ने कई बार झड़ गई हर बार बदन कांपता आंसू बहते अमित ये प्यार ये आनंद मैं मर जाऊंगी और चोदो मुझे।
अमित ने अंदर झड़ दिया पूजा मेरा वीर्य तुम्हें भर रहा है। तुम मेरी हो।दोनों लिपटे पड़े रहे। अमित बोला पूजा आज के बाद तुम मेरी हो। हम साथ जीएंगे चाहे कितना भी मुश्किल हो।पूजा बोली अमित तुम्हारे साथ परिवार का दर्द मिट गया लगता है।
अमित ने अंदर झड़ दिया पूजा मेरा वीर्य तुम्हें भर रहा है। तुम मेरी हो।दोनों लिपटे पड़े रहे। अमित बोला पूजा आज के बाद तुम मेरी हो। हम साथ जीएंगे चाहे कितना भी मुश्किल हो।पूजा बोली अमित तुम्हारे साथ परिवार का दर्द मिट गया लगता है।
इसके बाद पूजा अमित की पूरी दीवानी हो गई। भावनात्मक बंधन इतना गहरा कि रोज फोन पर घंटों बातें होतीं।पूजा बोली अमित आज मां का फोन आया था। रो रही थीं।
मुझे बहुत दुख हुआ।अमित बोला पूजा मैं हूं ना। एक दिन हम सबको साथ ले आएंगे। तुम रो मत। मैं तुम्हें खुश रखूंगा।
अमित बोला आज बहन का फोन आया शादी का खर्चा चिंता हो रही है।पूजा बोली मैं तुम्हारी हूं अमित। जो भी मदद हो सके करूंगी। तुम मेरे हो।वे भविष्य के सपने साझा करते। पूजा बोली मुझे एक बेटी चाहिए जो तुम जैसी बहादुर हो।
अमित बोला और बेटा जो तुम जैसी सुंदर और भावुक हो। पूजा तुम मेरी जिंदगी हो।पूजा जानबूझकर टैप तोड़ देती पाइप लीक कर देती कमोड तोड़ देती।
रसोई में एक दिन पूजा बर्तन धो रही थी। अमित पीछे से आया। अमित बोला पूजा आज क्या दुख है बताओ ना।
पूजा बोली परिवार की याद आ रही है। अमजद अच्छा है लेकिन वो मेरी बातें नहीं समझता।अमित ने साड़ी ऊपर की तो आज मैं तुम्हें सब समझा दूंगा।
पूजा बोली अमित खड़े खड़े हां तुम्हारा लंड अंदर डालो। अमित चोदते हुए बोला पूजा बोलो मेरा लंड अमजद से बेहतर है ना तुम्हारी चूत इसे प्यार करती है ना।
पूजा चीखी हां जोर से तुम्हारा अनकट लंड मुझे पागल कर देता है अमजद का तो बोरिंग है चोदो मुझे। अमित ने पूजा को सिंक पर झुकाया उसकी मोटी जांघें पकड़ीं और लंड को पूरी ताकत से अंदर बाहर किया।
छिलका हर बार चूत की भीतरी दीवारों को रगड़ता पूजा की चूत से सफेद रस की धार निकलने लगी। पूजा का बदन बार बार कांप रहा था वह चीख रही थी अमित और तेज मेरी चूत फाड़ दो।
अमित ने एक हाथ से उसके स्तनों को दबाया निप्पल्स को खींचा और दूसरे हाथ से क्लिट पर उंगली घुमाई।
पूजा पहली बार झड़ गई उसकी टांगें लरज उठीं आंखें बंद हो गईं। लेकिन अमित रुका नहीं। उसने पूजा को घुमाया उसे काउंटर पर बिठाया टांगें अपने कंधों पर रखीं और और गहराई से चोदा।
पूजा की छातियां उछल रही थीं वह कराह रही थी अमित तुम्हारा लंड मेरी गहराई तक पहुंच रहा है मैं फिर झड़ने वाली हूं। अमित बोला पूजा तुम्हारी चूत मेरे लंड को निचोड़ रही है मैं जल्दी झड़ने वाला हूं।
पूजा ने दूसरी बार झड़ते हुए चीखा हां अंदर भर दो मेरा वीर्य। अमित ने गर्म वीर्य की धार पूजा की चूत में छोड़ दी। दोनों पसीने से तर फर्श पर बैठ गए और फिर घंटों बातें करते रहे।
चांदनी रात को बालकनी में अमित पूजा को रेलिंग पर झुकाकर खड़ा था। अमित बोला पूजा डर लग रहा है ना अमजद को पता चल गया तो।पूजा बोली तुम्हारे साथ कोई डर नहीं।
मुझे चोदो मुझे अपनी बना लो। अमित पीछे से घुसा पूजा तुम्हारी जांघें कितनी मोटी हैं मैं इन्हें पकड़कर चोदना चाहता हूं हमेशा।
पूजा चीखी अमित और तेज मैं तुम्हारी हूं हमेशा। अमित ने पूजा के बाल पकड़े और लंड को जोर जोर से अंदर बाहर किया। छिलका हर थ्रस्ट पर चूत को खुरचता पूजा की चूत से रस टपक रहा था बालकनी की ठंडी हवा में पूजा के स्तन बाहर लटक रहे थे अमित उन्हें पीछे से दबा रहा था।
पूजा बोली अमित तुम्हारा अनकट लंड अमजद से सौ गुना बेहतर है वो तो बस अंदर डालकर झड़ जाता है तुम तो मुझे घंटों तड़पा रहे हो। अमित ने गति बढ़ाई पूजा की चूत की दीवारें लंड को निचोड़ रही थीं।
पूजा पहली बार झड़ी उसका पूरा बदन कांपा वह चीखी मैं झड़ गई अमित और चोदो।
अमित ने उसे घुमाया रेलिंग पर बैठाया टांगें चौड़ी कीं और सामने से चोदा। पूजा की छातियां उसके मुंह के पास थीं वह उन्हें चूस रहा था निप्पल्स को काट रहा था।
पूजा दूसरी बार झड़ गई उसकी आंखें उलट गईं रस की धार अमित की जांघों पर बह रही थी। अमित बोला पूजा तुम्हारी चूत मेरे लंड को चूस रही है मैं अब झड़ने वाला हूं।
पूजा बोली अंदर ही अंदर भर दो मुझे। अमित ने पूरी ताकत से आखिरी थ्रस्ट किया और गर्म वीर्य पूजा की चूत में उड़ेल दिया। दोनों चांदनी में लिपटे खड़े रहे।
बाथरूम में एक और दिन अमित पूजा को कमोड पर बिठाकर खड़ा था। अमित बोला पूजा बताओ तुम्हें सबसे ज्यादा क्या चाहिए मेरी बातें या मेरा लंड। पूजा रोते हुए बोली दोनों तुम्हारे बिना मैं अधूरी हूं। चोदो मुझे जोर से।
अमित बोला तो ले लो तुम्हारी चूत मेरे लंड के लिए बनी है। उसने पूजा की टांगें अपने कंधों पर रखीं लंड को रगड़कर अंदर डाला। पूजा चीख उठी आह अमित ये गहराई तक पहुंच रहा है।
अमित ने तेज तेज थ्रस्ट शुरू किए छिलका हर बार चूत को रगड़ता पूजा की चूत से गर्म रस की फुहार निकल रही थी। पूजा बोली अमित तुम्हारा लंड मेरी चूत को फाड़ रहा है लेकिन मजा आ रहा है।
अमित ने एक हाथ से उसके क्लिट पर उंगली घुमाई दूसरे से स्तन दबाए।
पूजा पहली बार झड़ गई उसकी चूत सिकुड़ सिकुड़कर लंड को दबा रही थी। अमित रुका नहीं उसने पूजा को उठाकर दीवार से सटा दिया और खड़े खड़े चोदा।
पूजा की जांघें उसके कमर पर लिपटी हुई थीं वह चीख रही थी और चोदो मुझे मैं तुम्हारी हूं। पूजा दूसरी बार झड़ी तीसरी बार झड़ी हर बार उसका बदन कांपता आंसू बहते।
अमित बोला पूजा अब मैं झड़ने वाला हूं। पूजा बोली अंदर भर दो। अमित ने आखिरी जोरदार थ्रस्ट किया और वीर्य की गर्म धार पूजा की चूत में भर दी। दोनों बाथरूम के फर्श पर बैठ गए पसीने से तर।
अमजद को शक होने लगा। वह पूछता पूजा ये अमित बार बार क्यों आता है घर में इतनी प्रॉब्लम क्यों हो रही है।पूजा बोली घर पुराना है ना अमजद। चिंता मत करो।
एक शाम अमजद जल्दी लौटा और खिड़की से झांका। अंदर पूजा नंगी अमित की गोद में।
मित बोला पूजा आज चूत चाटूं तुम्हारा रस पीना चाहता हूं।पूजा बोली हां अमित चूसो तुम्हारा लंड दो अमजद का तो कभी संतोष नहीं देता। अमजद का खून खौल गया लेकिन जैसे ही अमित ने पूजा को चोदा अमजद का लंड खड़ा हो गया।
अमजद मन में सोचा ये क्या हो रहा है गुस्सा क्यों नहीं आ रहा बल्कि उत्तेजना हो रही है।
वह छुपकर देखता रहा। पूजा चीख रही थी जोर से चोदो तुम्हारा अनकट लंड मेरी जान है मैं तुमसे प्यार करती हूं अमित। अमजद ने खुद हिलाया और झड़ गया लेकिन चुप रहा।
इस तरह कई बार अमजद छुपकर देखता रहा। हर बार वह सोचता मेरी बीवी दूसरे से चुद रही है लेकिन मुझे मजा आ रहा है। मैं कुक बन गया हूं।
एक रात अमित और पूजा ने फैसला किया।अमित बोला पूजा अब खतरा है। अमजद को शक हो गया है। हम भाग चलें।
पूजा बोली हां अमित तुम्हारे साथ नया जीवन शुरू करेंगे। मैं तुम्हारे बिना नहीं रह सकती। दोनों भाग गए।
कुछ महीनों बाद पूजा ने पिता को फोन किया।शर्मा जी रो पड़े बेटा मैंने गलती की। अमजद तुम्हें खुश नहीं रख पाया। अमित ने तुम्हें जो प्यार दिया वो सच्चा है। मैं स्वीकार करता हूं। आ जाओ घर दोनों को गले लगाऊंगा।
पूजा और अमित वापस लौटे। शर्मा जी ने गले लगाया। अमजद अकेला रह गया अपना कुकपन और दर्द लिए।
पूजा और अमित का नया जीवन शुरू हुआ गहरा भावनात्मक बंधन जंगली सेक्स और सच्चा प्यार। पूजा अंत में पूरी औरत बन गई थी।
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