मेरा नाम नेहा है, मैं राजस्थान के एक छोटे से गांव से हूं। मेरा रंग गोरा है और फिगर ३४-२८-३४ का है। मेरी उम्र २२ साल की है।
यह हॉट सिस्टर पोर्न कहानी तब की है, जब मैंने १२वीं पास करके कॉलेज में दाखिला लिया था। उसी कॉलेज में मेरे मौसेरी भाई आर्यन ने भी एडमिशन लिया था। वो दिखने में काफी हैंडसम था।
वो हमारे घर के पास ही रहने लगा था। कॉलेज शुरू होने के बाद हम दोनों साथ में ही जाते थे। मेरा घर रास्ते में आता था तो वो मुझे वहां से पिक कर लेता था।
हम दोनों में पहले सब भाई-बहन जैसा ही था। कॉलेज जाने के बाद हम रोज रात में पढ़ाई को लेकर चैट करते थे। धीरे-धीरे हमारे बीच और दूसरे विषय पर भी बात होने लगी।
फिर पता नहीं कैसे, हमें एक-दूसरे से प्यार हो गया। ये कुछ ऐसे हुआ कि एक दिन जब हम कॉलेज जा रहे थे तो उसने मुझे आई लव यू कहा। मैंने भी उसे आई लव यू टू कह दिया।
बस हमारी लव स्टोरी शुरू हो गई। अब हम दोनों आधी रात तक बात करने लगे, हमारे बीच सेक्स चैट शुरू हो गई थी। मुझे उससे सेक्स से संबंधित बातें करने में शर्म आती थी जबकि वो मुझसे खुलकर सेक्स की बातें करने को कहता था।
एक दिन सुबह हम कॉलेज जा रहे थे तो रास्ते पर कोई ज्यादा गाड़ियां नहीं थीं, रास्ता लगभग सुनसान था। उसने सड़क के किनारे बाइक खड़ी की और मेरे होंठों पर अपने होंठ रख दिए। मेरी सांसें तेज होने लगीं।
मुझे भी मजा आने लगा। ये मेरी पहली किस थी। उसने काफी देर बाद मुझे छोड़ा।
मैंने उसकी तरफ देखा तो वो वासना से मुझे देख रहा था। मैं भी गर्म हो गई थी। वो मेरे हाथ को पकड़कर सड़क से नीचे उतारकर पेड़ों की आड़ में ले गया।
हम दोनों फिर से चूमाचाटी में लग गए। उस दिन करीब आधा घंटा तक हम दोनों ने खुली सड़क पर अपने प्यार का इजहार किया। फिर हम दोनों कॉलेज चले गए।
पूरा दिन मुझे किस वाला सीन याद आ रहा था। उसके सीने की रगड़ अपने मम्मों पर महसूस हो रही थी। उसी दिन रात में जब हम दोनों चैट कर रहे थे तो उसने मुझसे दिन वाले वाकिये को लेकर बात शुरू कर दी।
उसने मुझसे पूछा- कैसा लगा? मैंने कहा- बहुत बदमाश हो तुम! वो हंसा और मुझसे मजाक करने लगा- क्यों ऐसा क्या किया मैंने?
मैंने कहा- तुमने बीच सड़क पर वो सब किया था जो नहीं करना चाहिए था। उसने कहा- हां, ये गलती तो हो गई थी मुझसे। अब बताओ किधर चलना है?
मैंने कहा- क्या मतलब, किधर चलना है? उसने कहा- वो सब सड़क पर नहीं करेंगे… किसी कमरे में करते हैं। बोलो कौन से होटल में कमरा बुक करवा लूं?
मैंने कहा- पागल हो क्या? मुझे किसी होटल में नहीं जाना है। वो हंसने लगा- अच्छा छोड़ो… ये बताओ कि लगा कैसा था?
मैं बोली- सच में मुझे बड़ा अजीब सा लगा। वो बोला- कैसा अजीब सा लगा? मैंने कहा- अब कैसे बताऊं?
वो बोला- अच्छा चुम्मी करते समय कैसा लगा था। मैंने कहा- ऐसा लगा था जैसे करेंट लग गया हो। वो बोला- और क्या लगा था?
मैंने कहा- अब और क्या बताऊं? उसने कहा- नीचे कुछ हुआ था? मैंने कहा- नीचे मतलब?
वो बोला- नीचे मतलब चूत में कुछ हुआ था? मैंने धत्त कहकर उसे ऐसी बात करने से मना किया। इस बार उसने सीधे मुझसे सेक्स के लिए पूछा।
मगर मेरी कोई इच्छा नहीं थी तो मैंने उससे ना कह दिया। इससे वो रूठ गया और दूसरे दिन आया तो उसका चेहरा लटका हुआ था। मैंने मौका देखकर उसको किस कर लिया।
उसने मुझे अपने सीने से लगा लिया और मेरे दूध दबाने लगा। उस समय भी मेरा चुदाई का कोई मूड नहीं था इसलिए मैंने उससे साफ-साफ कह दिया कि ये सब मुझे शादी से पहले नहीं करना है। वो मुझे बहुत प्यार करता था तो उसने कहा- जब तुम बोलोगी, तब ही तुम्हारी चुदाई करूंगा।
भले ही तुम्हारी मुझसे शादी न हो। हम दोनों में शादी होना संभव भी नहीं थी, ये बात वो भी जानता था। मैं तब भी मान गई कि शादी से पहले उसके साथ सेक्स करूंगी।
फिर ६ महीने बीत गए। हम दोनों रोज किस करते थे लेकिन वो सेक्स के लिए नहीं बोलता था। मुझे भी उससे बहुत प्यार हो गया था।
मेरे कॉलेज की सभी फ्रेंड्स अपने बॉयफ्रेंड के साथ चुदवाने जाती थीं लेकिन मुझे सेक्स में कोई इंटरेस्ट नहीं था। एक दिन बात करते-करते मैंने उससे कहा- मेरी फ्रेंड आज चुदवाने गई थी, तो आई नहीं साली अब तक। मुझे उससे काम था।
ये सुनकर वो एकदम से उदास हो गया। कुछ देर बाद वो उधर से चला गया। मैं समझ गई कि इसको फिर से चुदाई के कीड़े ने काट लिया है।
दूसरे दिन हम कॉलेज जा रहे थे तो वो मुझसे बात भी नहीं कर रहा था। अचानक से उसने मुझसे ब्रेकअप करने को कहा और मैं समझ गई कि ये चुदाई न हो पाने के कारण मुझसे ब्रेकअप की बात कर रहा था। मैं ब्रेकअप के डर से उससे चुदवाने के लिए मान गई।
उसने मेरी तरफ देखा और कहा- दिल से राजी हो, सेक्स में तभी मजा आएगा। मैंने भी मन बना लिया था कि सेक्स करना है। तो मैंने हामी भर दी।
उसने रात में मुझे मैसेज किया- कल तैयार हो ना! मैंने हां कर दी। फिर उसने पूछा- चूत पर बाल हैं या साफ कर लिए?
मैंने बोला- हैं। उसने कहा- चूत साफ करके आना। मैंने कहा- तुम ही कर देना।
वो बोला- ठीक है। दूसरे दिन कॉलेज के बहाने वो मुझे लेने आया। मैं बाइक पर बैठ गई।
वो मुझे होटल में ले गया, वहां एक रूम लिया और हम दोनों रूम में आ गए। रूम बंद करके ही वो मुझ पर टूट पड़ा। मेरे होंठों को चूसने लगा।
मैं भी उसे किस किए जा रही थी। थोड़ी देर बाद उसने अपनी शर्ट उतार दी और मेरा टॉप उतार दिया, ब्रा भी उतार दी। मैं पहली बार किसी के सामने नंगी थी, मैं अपने हाथों को मम्मों पर रखकर ढक रही थी।
वो बोला- जान, अब तो ये सब मेरा है। आज मैं तुम्हें इतने मजेदार करूंगा कि कभी चुदाई के लिए ना नहीं कहोगी। उसने मम्मों पर से मेरे हाथ हटाए और जोर-जोर से मम्मों को चूसने लगा, दबाने लगा।
मेरे मुंह से अहह अहह निकल रहा था। मुझे बहुत मजा आ रहा था। उसने आधे घंटे तक मेरे दोनों मम्मों को बारी-बारी से चूसा।
उसके बाद उसने मेरी लैगी और पैंटी भी निकाल दी। मेरी चूत पर बहुत बाल थे तो उसने बैग में से रेजर निकाला और बाल साफ करने लगा। चूत साफ होने के बाद उसने कहा- वॉशरूम में जाकर धोकर आओ।
जब मैं चूत धोकर आई, तो वो पूरा नंगा खड़ा था। उसका ७ इंच का लंड मेरे सामने लहरा रहा था। मैं तो उसका लंड देखकर ही डर गई।
फिर उसने मुझे हग किया और मुझसे बोला- तुम मेरे लिए क्या कर सकती हो? मैंने कहा- जो तुम बोलो। उसने कहा- अगर तुमसे नहीं हुआ तो आज से हमारा ब्रेकअप।
मैं उसे खोना नहीं चाहती थी तो मैं मान गई। वो खड़ा था। उसने मुझे नीचे बिठाया और अपना लंड को चूसने को कहा।
उसका लंड बहुत मोटा और बड़ा था। मैं नीचे घुटनों पर बैठ गई और उसका लंड पकड़कर थोड़ा हिलाया। लंड से पानी निकल रहा था।
मैंने पहले पूरे लंड पर किस की, फिर उसे अपने मुंह में ले लिया। उसका लंड बड़ी मुश्किल से मेरे मुंह में जा रहा था। आधा लंड भी नहीं जा रहा था।
मुझे खट्टा सा स्वाद आ रहा था और लंड सी अजीब सी महक आ रही थी। थोड़ी देर चूसने के बाद मुझे भी अच्छा लगने लगा। कुछ मिनट तक चूसने के बाद उसका माल मेरे मुंह में ही निकल गया।
वो मेरे बाल पकड़कर लंड पर मुंह सटाए हुआ था तो मुझे उसका माल पीना पड़ा। उसके बाद उसने मेरे होंठों को चूस लिया और लिपकिस करने लगा। मैंने लंड चूसा था, तो किस में भी लंड का स्वाद आ रहा था।
उसके बाद उसने मुझे बेड पर लिटाया और दोनों पैर फैला दिए। वो मेरी जांघों पर किस करने लगा। मेरे मुंह से सिसकारियां निकलने लगीं ‘आह आह…’ उसने मेरी चूत पर जीभ लगाई तो मेरे शरीर में जैसे ४४० वोल्ट का झटका लग रहा था।
मैं अहह अहह कर रही थी। पांच मिनट चूत चाटने के बाद मेरा पानी निकल गया। उसका लंड भी खड़ा हो गया था।
उसने मुझे एक बड़ी सी किस की और अपने मुंह से बहुत सारा थूक निकालकर चूत के छिद्र पर लगा दिया। कुछ थूक लंड पर भी लगाया। फिर वो मेरे दोनों पैरों के बीच में आया और मुझे किस करके अपने लंड को चूत पर रखकर रगड़ा।
मैं सिहर उठी। उसने छेद पर लंड को सैट किया, मेरे मुंह पर अपना मुंह रखा और किस करने लगा। अचानक से उसने एक झटका मारा और लंड का टोपा अंदर घुसा दिया।
मुझे बहुत दर्द हुआ। मैं रोने लगी। मगर अभी तो सिर्फ टोपा अंदर घुसा था।
दूसरे झटके में उसने आधे से ज्यादा लंड चूत में घुसा दिया। मैं तड़पने लगी। मेरी चूत में किसी ने गर्म सरिया घुसेड़ दिया हो, ऐसा लग रहा था।
मेरी सील टूट चुकी थी। मैं उसे अपने ऊपर से हटाने की कोशिश कर रही थी लेकिन वो लंड को आगे-पीछे करके चोदे जा रहा था। कुछ मिनट बाद मेरा पानी निकल गया।
उसने चूत से लंड निकाल लिया। लंड पूरा सफेद झाग से भरा हुआ था। उस पर वीर्य और खून लगा था।
बेड पर भी खून था। मैं ये सब देखकर रोने लगी। उसने कहा- जान, पहली बार सबका निकलता है।
तुम्हें मुझ पर ट्रस्ट है ना! मैंने हां कहा। कुछ देर बाद उसने लंड फिर से चूत में पेल दिया।
जब लंड अंदर घुसा तो मुझे बहुत दर्द हुआ। मगर इस बार थोड़ी देर बाद मुझे भी अच्छा लगने लगा। अब पच-पच की आवाज आने लगी थी और मेरे मुंह से अहह अहह की आवाज आने लगी।
दस मिनट बाद उसका रस निकल गया। उस दिन हम दोनों ने ३ बार चुदाई की। शाम को जब मैं घर वापस गई तो मैं ठीक से चल नहीं पा रही थी।
मेरी चूत सूज चुकी थी। उस पहली चुदाई के बाद कई दिन तक मेरी चूत में हल्का दर्द रहता, लेकिन रात को अकेले में आर्यन की याद आते ही मेरी चूत गीली हो जाती। मैं बेड पर लेटकर अपनी उंगलियों को चूत में डालती और जोर-जोर से हिलाती।
“आह… आर्यन… तेरे मोटे लंड की याद आ रही है…
मेरी चूत फाड़ दो… गांड़ भी मारो… ” मैं कल्पना करते हुए कई बार झड़ जाती, लेकिन असली संतोष नहीं मिलता।
मेरी चूत अब आर्यन के लंड की गुलाम बन चुकी थी। एक हफ्ते बाद आर्यन ने मैसेज किया, “कल शाम को पुराने मंदिर के पीछे वाले खेत में आ जाना। मैं इंतजार कर रहा हूं।
कोई बहाना बना लेना। ” मेरा पूरा शरीर सिहर उठा। मैंने मां से कहा कि सहेली के घर पढ़ने जा रही हूं।
शाम ढलते ही मैं निकल पड़ी। खेत सुनसान था। ऊंचे-ऊंचे गन्ने चारों तरफ खड़े थे, जैसे प्रकृति ने खुद हमारी गुप्त मुलाकात की आड़ बना दी हो।
आर्यन पहले से वहां था। उसने मुझे देखते ही खींचकर दीवार से लगा दिया और होंठों पर हमला बोल दिया। किस इतना गहरा और भूखा था कि मेरी सांसें फूल गईं।
उसकी जीभ मेरे मुंह में घुसकर मेरी जीभ को चूस रही थी, काट रही थी। “नेहा… तेरी चूत और गांड़ की याद में मेरा लंड रात भर तड़पता है,” उसने मेरे कान में फुसफुसाते हुए कहा।
उसने मेरी साड़ी का पल्लू खींचा, ब्लाउज के हुक तोड़े और ब्रा फाड़ दी। मेरी भरी-भरी चूचियां बाहर आ गईं। आर्यन ने दोनों चूचियों को मुट्ठी में दबाया, निप्पल को दांतों से काटा और जोर-जोर से चूसने लगा।
“आह… आर्यन… और जोर से…
काटो मेरे निप्पल… चूसो… मुझे बहुत मजा आ रहा है…
”मैं तड़प रही थी। आर्यन ने मुझे घास पर लिटाया, साड़ी और पेटीकोट ऊपर किया। पैंटी उतारी और मेरी चूत पर झपट पड़ा।
उसकी गर्म जीभ मेरी चूत की फांकों में घुस रही थी, क्लिट को चूस रही थी, चूत के अंदर घुसकर दीवारों को चाट रही थी। “आह… आर्यन…
चूसो मेरी चूत… जीभ अंदर डालो… हां…
और तेज… मैं झड़ने वाली हूं… ” मैंने उसके सिर को अपनी जांघों में दबा लिया और झड़ गई।
मेरा गर्म रस आर्यन के मुंह में भर गया। आर्यन ने अपना मोटा, काला, नसों वाला लंड निकाला। “चूस रंडी…
अपना मुंह भरो। ” मैं घुटनों के बल बैठ गई और उसका लंड दोनों हाथों से पकड़कर मुंह में ले लिया। पूरा गला तक उतारकर चूसने लगी।
आर्यन मेरे बाल पकड़कर मेरे मुंह को चोद रहा था। “आह… नेहा…
बहुत अच्छा चूसती है… गला तक ले… साली रंडी…
तेरी जीभ जादू करती है… ”कुछ देर चूसने के बाद आर्यन ने मुझे घोड़ी बनाया और पीछे से पूरा लंड मेरी चूत में ठेल दिया। “आआह…
फाड़ दी… आर्यन का लंड बहुत मोटा है… जोर से चोदो…
मेरी चूत फाड़ दो… ” आर्यन तेजी से धक्के मार रहा था। हर धक्के पर मेरी चूचियां लहरा रही थीं।
उसने मेरी गांड़ पर जोर-जोर से थप्पड़ मारे। “साली… तेरी गांड़ बहुत मस्त है…
आज गांड़ भी चोदूंगा… ”आर्यन ने मेरी चूत में झड़ दिया। फिर उसने मुझे पेट के बल लिटाया और मेरी गांड़ में लंड घुसाया।
पहले धीरे, फिर तेजी से। “आह… गांड़ फाड़ दी…
बहुत मोटा है… जोर से चोदो… मुझे पसंद है जब तुम मेरी गांड़ चोदते हो…
” आर्यन मेरी गांड़ चोद रहा था। मैं चीख रही थी, कराह रही थी। उसने मेरे बाल पकड़कर घोड़ी की तरह खींचा और चोदा।
उस दिन आर्यन ने मुझे खेत में ही चार बार चोदा — दो बार चूत में, एक बार गांड़ में और आखिर में मेरे मुंह में। जब वो झड़ता तो उसका गर्म वीर्य मेरी चूत, गांड़ या मुंह में भर जाता। मैं पूरी तरह उसकी रंडी बन गई थी।
अब ये सिलसिला जारी है। आर्यन जब भी मौका मिलता, मुझे चोदता। कभी खेत में, कभी पुरानी कोठरी में, कभी रात को जब सब सो जाते।
एक दिन उसने अपने दोस्त को भी बुलाया और दोनों ने मिलकर मुझे चोदा। दस दिन बाद आर्यन का मैसेज आया — “कल शाम को पुरानी कोठरी के पास आ जाना। मैं अकेला नहीं आ रहा…
मेरे दोस्त राजेश को भी साथ ला रहा हूं। तैयार रहना। ” मेरा पूरा शरीर सिहर उठा।
शर्म भी लग रही थी, लेकिन चूत पहले से पानी छोड़ने लगी थी। मैंने मां से बहाना बनाया कि सहेली के घर पढ़ने जा रही हूं। शाम ढलते ही मैं निकल पड़ी।
कोठरी सुनसान थी। चारों तरफ अंधेरा और पुरानी दीवारें। आर्यन और राजेश पहले से वहां थे।
आर्यन ने मुझे देखते ही खींचकर किस कर लिया। किस इतना भूखा था कि मेरी सांसें फूल गईं। राजेश अंकल ने मेरी साड़ी का पल्लू खींचा और चूचियों को दबाने लगे।
“बहुत मस्त माल है… चूचियां कितनी भरी हुई हैं… आज तेरी चूत और गांड़ दोनों फाड़ देंगे,” राजेश बोले।
वे दोनों मुझे कोठरी के अंदर ले गए। अंदर पुरानी चटाई बिछी थी। उन्होंने मेरी साड़ी पूरी उतार दी।
ब्लाउज फाड़ दिया, ब्रा फाड़ दी। मेरी भरी-भरी चूचियां नंगी हो गईं। आर्यन ने एक चूची मुंह में भर ली और जोर-जोर से चूसने लगा।
राजेश दूसरी चूची को दांतों से काट रहा था। “आह… आर्यन…
राजेश… और जोर से चूसो… काटो मेरे निप्पल…
हां… मुझे बहुत मजा आ रहा है… ”मैं तड़प रही थी।
आर्यन ने मुझे चटाई पर लिटाया और मेरी चूत चाटने लगा। राजेश अपना मोटा लंड मेरे मुंह में ठेल रहा था। “चूस रंडी…
पूरा गला तक ले… ” मैं दोनों तरफ से चुद रही थी। आर्यन की जीभ मेरी चूत में घुस रही थी, राजेश का लंड मेरे मुंह को फाड़ रहा था।
कुछ देर बाद उन्होंने मुझे घोड़ी बनाया। आर्यन पीछे से मेरी चूत में लंड ठेल रहा था और राजेश मुंह चोद रहा था। “आह…
फाड़ दो मेरी चूत… और जोर से… मैं आपकी रंडी हूं…
चोदो मुझे… ” दोनों गंदी-गंदी गालियां दे रहे थे — “साली बहन की लौड़ी… तेरी चूत बहुत टाइट है…
आज फाड़कर रख देंगे… गांड़ भी चोदेंगे… ”आर्यन ने मेरी चूत में झड़ दिया।
फिर राजेश ने मुझे पेट के बल कर दिया और मेरी गांड़ में लंड घुसाया। “आह… गांड़ फाड़ दी…
बहुत मोटा है… जोर से चोदो… ” राजेश मेरी गांड़ चोद रहा था।
आर्यन मेरे चूचे दबा रहा था। मैं बार-बार झड़ रही थी। उस रात उन्होंने मुझे कई बार चोदा।
कभी दोनों एक साथ — एक चूत में, दूसरा गांड़ में। कभी बारी-बारी। कभी मैं ऊपर, कभी वे मुझे उठाकर चोद रहे थे।
मेरी चूत, गांड़ और मुंह सब भर गए। आखिरकार दोनों अंकल मेरे शरीर पर झड़ गए। मैं पूरी तरह थक गई थी, लेकिन खुश भी।
अब ये सिलसिला जारी है। आर्यन और राजेश जब भी मौका मिलता, मुझे चोदते। कभी खेत में, कभी पुरानी कोठरी में, कभी रात को जब सब सो जाते।
एक दिन उन्होंने और दोस्तों को भी बुलाया और सबने मिलकर मुझे चोदा। मैं अब उनकी पूरी रंडी बन चुकी हूं। मेरी चूत और गांड़ हमेशा उनके लंडों के लिए तैयार रहती है।