गाँव की इज्जतदार बहू और मजदूर के कारनामे – Village Hindi Adult Story

रामू पसीने से भीगा था। कमीज शरीर से चिपक रही थी। सुनीता देवी की नजर उसकी छाती की मांसपेशियों पर थी। “कमीज उतार दो। आराम रहेगा,” उन्होंने कहा।रामू ने हिचकिचाते हुए कमीज उतारी। सुनीता देवी की साँस साफ सुनाई दी। उनकी आँखें उसके पेट की रेखाओं पर ठहर गईं, फिर नीचे कमर की ओर।