बीवियों की चुत की आग की गर्मी – Hindi Wife Swapping Fucking Story

दोस्तो, मेरा नाम कविता शर्मा है, नाम बदला हुआ है। मेरी उम्र 27 साल है। मैं उत्तर प्रदेश के एक शहर से हूं।

घर में सब मुझे काव्या कहते हैं। मैं शादीशुदा एक बच्चे की माँ हूँ और एक जवान महिला हूँ। यह मेरी सच्ची और पहली घटना है, जो मैं अपने पति की परमिशन से आपके साथ शेयर कर रही हूं।

मेरा एक बेटा होने के बावजूद भी मैंने अपने आपको बहुत संवार कर रखा हुआ है। मेरा फिगर साइज 32-30-34 का है। मेरे पति मुझे बहुत प्यार करते हैं।

मेरी शादी के 4 साल बाद भी आज भी ऐसा लगता है, जैसे अभी भी हमारी नई नई शादी हुई है। कुछ पोर्नसाइट्स और अंतर्वासना स्टोरीज पढ़कर मेरी कामोत्तेजना आज पूरी जवान है। मुझे हर तरीके से सेक्स करना और काफी देर तक पति के साथ सेक्स करना बहुत पसंद है।

एक ही काम ऐसा है, जो मैंने शादी के बाद नहीं किया। किसी गैर मर्द से सेक्स तो दूर, मैंने किसी को आंख उठाकर नहीं देखा। हां यह बात अलग है कि हर कोई मुझे एक बार देखता है, तो देखता ही रहता है।

पर मैं सब अनदेखा करती हूं। यह जरूर है कि मेरे पति के साथ में उनके मोबाइल फोन में पॉर्न वीडियो वगैरह उनके साथ देखती रहती हूं और काफी रोमांस और मस्ती करती रहती हूं। एक बार की बात है।

हम दोनों पति पत्नी अपने फोन में एक सेक्स वीडियो देख रहे थे। उसमें दो कपल थे, जो एक दूसरे की महिलाओं के साथ सेक्स कर रहे थे। वह बात मेरे दिमाग में उस दिन कुछ छा सी गई।

मैंने यूं ही मजाक में मेरे पति से कह दिया कि कभी अगर आपको मौका मिले, तो क्या आप किसी और के साथ में मेरे सामने सेक्स करना चाहोगे? तभी मेरे पति ने कहा- हां क्यों नहीं … अगर ऐसा हो सकता है, तो मैं बिल्कुल चाहूँगा। अगर तुम ये सब सहन कर पाओगी तो मुझे कोई दिक्कत नहीं है।

लाइफ में ऐसा कुछ हुआ, तो मैं वो मौका नहीं गंवाऊंगा। उस समय कोई अपने आपको कौन रोक सकता है। शायद मैं भी ट्राय करूंगा … मैं सब कर सकता हूं, जान तुम्हारे लिए मेरा मन मचला जा रहा है।

अचानक मेरी कमर में हाथ फेरते हुए, खींच कर कहा- अभी तुम इधर आओ। यह कहते हुए उन्होंने मुझे एकदम अपनी तरफ खींच लिया। मुझे अपनी बांहों में भींच लिया और फट से अपना बरमूडा, अंडरवियर, टी-शर्ट निकाल कर फेंक दिए।

मैं कुछ सोचूं कि उतनी देर में अपने लंड को मेरे हाथ में थमा दिया। मेरे पति कहने लगे- पहले तुम झट से इसको चूसो … कब से तुम्हारे लिए तड़पा जा रहा है। मैं कुछ कहती, इससे पहले उन्होंने मेरा मुँह पकड़ कर अपना लंड मेरे होंठों के पास लगा दिया।

पति ने मेरे गाल दबाए तो मेरा मुँह खुल गया और महाशय ने अपना लंड मेरे मुँह के अन्दर डाल दिया। वे मुझे लंड चुसाने में लग गए। मैं भी लंड चूसने लगी।

तीन चार मिनट तक लंड चूसने के बाद उन्होंने फट से मेरी साड़ी के पल्लू को खींचा और हटाने लगे। मेरी साड़ी को पूरी निकाल कर एक तरफ फेंक दिया। इसके बाद ब्लाउज के हुक भी खोल दिए, ब्लाउज भी निकाल कर फेंक दिया, ब्रा के हुक खोले बिना ही उसे ऊपर उठा कर मेरे मम्मों को चूसने लगे।

मैंने कहा- अरे सब्र करो … पहले बात तो पूरी होने दो। वो बोले- अभी मत रोको मुझे … पहले मजा ले लो … फिर बात करेंगे। थोड़ी देर तक हम दोनों ओरल सेक्स करते रहे।

अब तक मैं भी गर्म हो गई थी। मेरे मुँह से सिसकारियां निकलना शुरू हो गई थीं। फिर वो सीधे मेरे ऊपर आकर 69 की अवस्था में होकर मेरी बूर को किसी बहुत प्यासे और भूखे इंसान की तरह चूसने और चाटने में लग गए।

मैं भी उनका कड़क लंड जम कर चूसने लगी। थोड़ी देर ऐसा ही चलता रहा। फिर उन्होंने मेरी दोनों टांगों को उठा कर अपना लंड मेरी बूर में झटके के साथ अन्दर डाल दिया और धुँआदार चुदाई चालू कर दी।

मेरे मुँह से ‘आहह … आएहहह …’ की सिसकारियां पूरे कमरे में गूंजने लगीं। इस तरह मेरे पति ने मेरे साथ करीब तीस मिनट तक चुदाई की और सो गए। इस घटना के बाद अब जब भी हम लोग आपस में सेक्स करते, तो कुछ ना कुछ दूसरे कपल और गैर मर्दों या महिलाओं की बात करते रहते, इससे हमारे सेक्स करने में कुछ ज्यादा ही मजा आने लगा था।

एक दिन इत्तफाक से ऐसा ही हुआ। हमारे पड़ोस के शर्मा जी के यहां एक जवान जोड़ा किराए से रहने आया। शर्मा जी का घर बहुत बड़ा है।

इसलिए उन्होंने अपने घर के एक हिस्से में किराएदार रख लिए थे। उस युगल की उम्र करीबन 28 और 30 साल होगी। खास बात यह है कि उस जोड़े में जो आदमी था, वो बड़ा ही आकर्षक था।

उसे मैं देखती ही रह गई। एकदम जवान स्मार्ट और लंबा था। दिखने में भी वो बहुत हैंडसम था।

साथ ही उसकी पत्नी भी बहुत खूबसूरत लग रही थी। एक नजर तो मैं उसे भी देखती ही रह गई। उसने स्लीवलैस ब्लाउज पर रेड कलर की खुले पल्ले की साड़ी पहन रखी थी।

वो लाल रंग की साड़ी में बहुत हॉट और कयामत सी लग रही थी। मैंने तिरछी नजर से देखा, तो मेरे पति भी उसको देखते ही जा रहे थे। मैंने उनका ध्यान भंग करते हुए कहा- कहां खो गए?

वो बोले- हहम्म … कुछ नहीं, चलो उनसे मिल कर परिचय करते हैं। हम दोनों भी उनके पास गए। फिर हम चारों ने एक दूसरे को अपना अपना परिचय दिया।

उस युवक का नाम विक्रम था और उसकी पत्नी का नाम सुमन था। वो दिन तो यूं ही कट गया। कुछ दिन में सुमन और मेरी बहुत अच्छी दोस्ती हो गई और मेरे पति और उनके पति की भी अच्छी दोस्ती जमने लगी।

फिर हम कभी कभी साथ में रेस्टोरेंट्स गार्डन वगैरह घूमने जाने लगे। मैं आए दिन मेरे पति के सामने सुमन की तारीफ करती रहती थी। कभी मैं कहती कि आज वह ऐसी लग रही थी, आज उसने ब्लैक कलर की ड्रेस पहन रखी थी, तो उसमें वो बड़ी हॉट लग रही थी।

आज सुमन ने पिंक कलर की साड़ी पहनी थी और बड़े गले का ब्लाउज पहन रखा था … सच में क्या लग रही थी … मैं बता नहीं सकती। उसने ऐसा ब्लाउज पहन रखा था, उसमें से उसके आधे बूब्स तो बाहर ही झाँक रहे थे, वो बहुत सेक्सी लग रही थी। मेरे पति भी अब उसमें ज्यादा इंटरेस्ट लेने लगे थे, वो भी आये दिन विक्रम की तारीफ करते रहते थे।

एक दिन मैं सुमन से बाहर मिली। मैंने उससे मजाक मजाक अचानक में कह दिया- क्यों ना हम पति की अदला-बदली कुछ दिन के लिए करके कुछ नए तरीके से मस्ती करें। उसने हंसते हुए कहा- कमीनी … मैं जानती थी … तेरे मन में कुछ ना कुछ ऐसा ही चल रहा है।

फिर वो चुप हो गई। उसकी इस बात से मैं थोड़ी सी डर गई। इतने में ही वो बोली- अरे बाबा मुझे कोई दिक्कत नहीं है, अब आजकल तो यह सब नॉर्मल और कॉमन हो गया है।

मैंने कहा- क्या भाई साहब इस सबके लिए राजी होंगे? उसने कहा- वह तो कब से फिदा है तेरे पर … मैं अक्सर ये बात नोटिस करती रहती हूं। वह तो तुझे छुप छुप कर देखा करते हैं और कई बार तेरे बारे में बातें भी करते रहते हैं।

इस बार मैं उनसे कुछ बात करूंगी। देखो, आगे बढ़ते हैं या नहीं। तब मैंने भी कहा- हां, मैं भी किसी स्टाइल से मेरे उनके सामने बात रखती हूं।

फिर मैंने उसी रात अपने पति के साथ में सेक्स करते हुए उनसे कहा- क्या मैं सुमन से तुम्हारे लिए बात करूं? ये सुनकर उनका तो खुशी का ठिकाना ही नहीं रहा। उन्होंने खिलते हुए कहा- हां करो मेरी जान … पर तुम्हें कोई दिक्कत नहीं होगी?

मैंने कहा- नहीं तो … लाइफ में थोड़ा बहुत एन्जॉय और कुछ नया होता रहना चाहिए। उन्होंने कहा- यार मैं तो कब से उसके लिए मरा जा रहा हूं। मैं कुछ कहती कि तभी उन्होंने खुद आगे बढ़कर कहा- तू भी विक्रम के साथ में मजे कर लेना।

मैं कुछ सोचती या कहती, इससे पहले वो बोले- फिर हम चारों का अच्छा चलता रहेगा। वो बोले- क्या विक्रम और सुमन इस चीज के लिए मान जाएंगे? मैंने कहा- मैं कल सुमन से बात करती हूँ।

मेरे मन में भी विक्रम से चुदने के लिए लड्डू फूट रहे थे। क्या लाइफ में कुछ नया होगा … कैसे होगा … क्या होगा वगैरह वगैरह। उस रात हम दोनों इतने गर्म हो गए थे कि हमने दो बार पूरी मस्ती से सेक्स किया।

फिर वह सो गए, लेकिन मुझे तो विक्रम से चुदने को लेकर नींद ही नहीं आ रही थी। जैसे ही मैं सुबह उठी, तो रेडी हुई और सुमन से मिली। मैंने कहा- मैंने उनसे बात कर ली है, वह मान गए हैं।

वह तो तुझे पाने के लिए बहुत ज्यादा ही एक्साइटिड है। तू भी विक्रम से बात कर ले। उसने कहा- हां, मेरी बात भी हो गई है।

आज रात के लिए विक्रम भी मान गए हैं। बस अब शुरुआत कहां से करें, यह समझ नहीं आ रहा है। मैंने कहा- कुछ प्लान बनाते हैं।

फिर हम चारों ने मिल कर एक प्लान बनाया कि हम सब कहीं बाहर घूमने चलते हैं। चारों ने एक साथ कहा- हां ये ठीक रहेगा। सुमन ने कहा- हम वहीं होटल में 2 रूम ले लेंगे, घूमना भी हो जाएगा और सब अरेंजमेंट भी हो जाएगा।

अगले दिन संडे को हम सब लोग घूमने निकल गए। रास्ते में खूब मजाक मस्ती करते रहे। कैसे हम वहां पहुंच गए, कुछ पता ही नहीं चला।

एक अच्छे से होटल में हमारी आईडी देकर दो रूम बुक करे … नीचे ही रेस्टोरेंट भी था, वहां से खाना भी ऑर्डर कर दिया। हमारे लिए एक एक पल निकाल पाना मुश्किल हो रहा था। वैसे सब यही सोच रहे थे कि शुरुआत कौन करेगा।

पहले हम चारों ने एक रूम में बैठ कर हल्का फुल्का नाश्ता किया। फिर थोड़ी बहुत इधर उधर की बातें करने के बाद मेरे पति ने बात छेड़ी- जैसा कि सब लोग जानते हैं कि हम लोग यहां क्यों आए हैं। अब शर्म हम सभी को छोड़नी पड़ेगी, असली मुद्दे पर आना पड़ेगा।

क्या आप चारों की हां है … या नहीं? सब ने हां में सर हिलाया। अब मेरे पति ने कहा- सबसे पहले सुमन मेरे पास आकर बैठेगी।

काव्या तुम अपने नए पार्टनर के साथ जाकर बैठ जाओ। अभी सिर्फ बात करने की छूट है। छूने की परमिशन और किसी अन्य की परमिशन नहीं है।

हां यदि मूड नाम जाए तो कोई बात नहीं। अगले ही पल में सुमन मेरे पति के पास जाकर बैठ गई। मेरा दिल धक धक धक धक हो रहा था … बल्कि मेरा दिल जोरों से धड़कने लगा था।

मैं भी धीरे से विक्रम के पास जाकर बैठ गई। जैसे ही मैं विक्रम के पास जा कर बैठी, तो मेरे मन ने सोचा कि अब यह क्या करेगा … मुझे छू लेगा या एकदम से कुछ करने लग जाएगा। पता नहीं मैं कर पाऊंगी या नहीं।

पर इतने में विक्रम ने कहा- काव्या, अगर तुम मेरी गोद में बैठ जाओ … तो ज्यादा अच्छा रहेगा। मैंने धीरे से पति की तरफ देखा और फट से उसकी गोद में बैठ गई। सुमन भी मेरे पति की गोद में जा कर बैठ गई।

विक्रम ने मेरी साड़ी का पल्लू थोड़ा सा हटाकर गर्दन के पीछे से किस करना चालू कर दिया। ठीक वही सब उन दोनों ने भी करना शुरू कर दिया। इसके बाद उसने मेरे होंठों पर अपने होंठ लगा कर चूसना चालू कर दिया।

मैंने भी उसमें उसका पूरा साथ देना शुरू कर दिया। मैं भी धीरे-धीरे गर्म होने लग गई। मेरे अन्दर एक सिरहन सी दौड़ गई।

पता नहीं, मैं कहां खो गई थी। मुझे एक अलग सी दुनिया में कुछ अलग सा फील हो रहा था। मेरे अन्दर एक अजीब सा नशा छा गया था।

मैं अपने आपको पूरी तरह भूल गई थी। मुझे पता ही नहीं चला कि कब उसने मेरे ब्लाउज के बटन खोल दिए और मेरी ब्लैक कलर की ब्रा का हुक भी खोल दिया। अब मेरी ब्रा सिर्फ मेरे दो हाथ के बीच में अटकी थी।

वह भी उसने अलग हटा दी। मेरे 32 साइज के चूचे पूरे आजाद हो चुके थे। उसने मेरे दूध चूसना शुरू कर दिए।

वो लगातार ऐसे चूसे जा रहा था … जैसे कि उसमें से दूध निकलने वाला हो। मैं भूल चुकी थी कि वह दोनों मेरे पति और सुमन भी इसी कमरे में हैं। अब मेरे पास सिर्फ मेरे तन पर पेटीकोट बचा था।

मेरे पेट के ऊपर हाथ फेरते हुए चालाकी से पेटीकोट का नाड़ा भी उसने खोल दिया और मेरा पेटीकोट भी निकाल दिया। अब में सिर्फ ब्लैक कलर की नेट वाली पेंटी में रह गई थी। विक्रम ने कहा- जानेमन, अब इसे भी उतार ही दो।

मैंने कुछ कहा नहीं। उसने देर ना करते हुए वो भी उतार दी। अब मैं पूरी तरह नंगी हो चुकी थी और विक्रम भी पूरा नंगा था।

उसने अपने कपड़े पहले ही उतार दिए थे। तभी मेरी नजर उसके नीचे पड़ी। उसका लंड फनफनाता हुआ ऊपर नीचे हो रहा था।

उसका लंड एकदम गोरा, लंबा और मेरे पति से काफी मोटा और बड़ा था। मेरी तो आंखें खुली की खुली रह गईं। इतने में उसने देर ना करते हुए लंड को मेरे मुँह पर लगा दिया।

मैं ना चाहते हुए भी होंठ खोलकर लंड चूसने लगी। करीबन 5 मिनट तक मैं विक्रम का बड़ा लंड चूसती रही। उसके मुँह से आह आह आह आह इस टाइप से कुछ आवाज निकल रही थीं।

तभी मेरी नजर सामने पड़ी। उधर मेरे पति और सुमन भी पूरे नंगे थे। दोनों एक दूसरे में खोए हुए चूमा चाटी कर रहे थे।

मेरे पति सुमन के ऊपर पीठ के ऊपर अपनी जीभ फिरा फिरा कर ऊपर से नीचे की तरफ किस करते हुए उसे चाट रहे थे। उधर से मेरे पति बोले- सुमन तुम बहुत हॉट हो … खूबसूरत हो … बहुत सेक्सी हो … तेरी गदराई हुई कमर और मम्मे … आह तुम तो मेरी बीवी से भी ज्यादा सेक्सी हो … कसम से तुम बहुत अच्छा लंड चूसती हो। तुम्हारा कोई तोड़ नहीं है नंबर वन मजेदार चीज हो तुम।

वह ये सब हम दोनों को चिढ़ाने के लिए बोल रहे थे। तभी मुझसे विक्रम बोला- आज तक तुम मुझे क्यों नहीं मिली … मुझे पहले ही मिल जाती, इतनी अच्छी चीज मेरे सामने थी और मैंने पहचाना नहीं। तुम बहुत प्यारी हो, बहुत सेक्सी हो … तुम्हारे ये बूब्स बहुत गोल और सुंदर हैं … जी करता है इनका सारा रस पी जाऊं … इनको बिल्कुल भी नहीं छोड़ूँ … हमेशा के लिए है तुझे अपनी बना कर अपने पास ही रख लूं।

तभी मेरे पति ने कहा- ओ मेरी जान सुमन … ले ले मेरा लंड यह तेरे लिए ही है … जितना इसका रस पीना है, पी ले … भर कर मैं हमेशा तुझे अपनी रण्डी बना कर रखूंगा … चाहे कुछ भी हो … आज की रात तो तुझे पूरी एक मस्त रंडी बना कर चोदूंगा। इतने में विक्रम मेरे ऊपर आ गया और मुझे लेटा कर मेरे पूरे बदन पर अपनी जीभ फेरने में लग गया। मुझे चाटते चाटते वो मेरे मम्मों से नीचे तक आ गया।

मेरी नाभि के अन्दर जीभ डाल कर चूसने लगा, फिर और आगे बढ़ते हुए उसने अपनी जुबान मेरी बूर के ऊपर लगा दी और बूर चाटने लगा। मैं बहुत ज्यादा गरम हो गई थी। मुझे भी नीचे थोड़ा गीला सा महसूस होने लगा था।

मुझे ऐसा लग रहा था जन्नत की सैर कर रही हूं। सच में बहुत मजा आ रहा था। वो था कि मेरी बूर चूसे ही जा रहा था।

पूरी तरह से बूर चाटने के बाद वो एकदम से उल्टा हो गया। अब उसका लंड मेरे मुँह के पास था और उसका मुँह मेरी बूर के ऊपर था। हम दोनों 69 की अवस्था में हो गए थे।

मेरे पति और सुमन भी ठीक यही हरकतें कर रहे थे। करीब 15 मिनट तक हम चारों ने खूब चुम्मा चाटी की। तभी मुझे ध्यान आया कि एक और दूसरा कमरा, जो हमने लिया था … वो खाली पड़ा है।

क्या वो कमरा ऐसे ही पड़ा रहेगा। तभी विक्रम ने अपना बड़ा लंड मेरी बूर पर रखा और हल्के से अन्दर डालने की कोशिश करने लगा। उसका मोटा लंड थोड़ा थोड़ा सा ही अन्दर गया होगा और मेरे मुँह से उम्म्ह … अहह … हय … ओह … निकल गई।

तभी उसे थोड़ा और अगले झटके के साथ लंड डाला, तो मुझे मजा आने लगा। अब धीरे धीरे उसने ऊपर नीचे धक्के लगाने शुरू कर दिए। मेरे मुँह से मस्त आवाजें निकली जा रही थीं।

विक्रम मेरे पति से ज्यादा जोरदार और गहराई तक चोद रहा था। उसका बड़ा लंड मेरी बूर को पूरी तरह फैला रहा था। उधर उन दोनों की भी आवाजें हमारे कानों तक गूंज रही थीं।

उन्होंने भी सेक्स स्टार्ट कर दिया था। कुछ देर तक कमरे में घमासान धुआंधार चुदाई चलती रही … कब मैं स्खलित हो गई, मुझे पता ही नहीं चला। आज अपने आप में अलग महसूस हो रहा था।

विक्रम ने मुझे और कठोर तरीके से चोदा। उसके धक्के इतने जोरदार थे कि मेरी बूर दर्द और मजे से तड़प रही थी। विक्रम भी मेरे ऊपर कुछ झटके देने के बाद स्खलित हो गया और वह हांफने लगा।

उधर मेरे पति और सुमन दोनों डॉगी स्टाइल में अभी भी जबरदस्त सेक्स कर रहे थे। नीचे की तरफ सुमन के चूचे आगे पीछे की तरफ जोर जोर से झूल रहे थे। सुमन के मुँह से जोर जोर से आवाजें आ रही थीं- ऊहह आहाहाह … ऊऊहह ऊहह … मजा आ रहा है … और तेज चोदो … आह चोदो बहुत मजा आ रहा है … अहह … मैं गई!

पति बोले- आह मेरी जान … ले बस मेरा भी होने ही वाला है … सुमन मेरी जान ले लंड ले। कुछ ही देर बाद वो दोनों भी झड़ गए। फिर हम चारों एक दूसरे को देख कर मुस्कराए जा रहे थे।

इतने में वह दोनों भी हमारे पास आ गए। हमारे बेड पर और हम चारों एक ही पलंग पर बिना कपड़ों के बैठ गए और हंसी मजाक करने लगे। फिर हम सबने तय किया कि हम सबको पूरी रात निकालनी है।

होटल वाले को कोई शक न हो जाए, इससे पहले तुम और सुमन दोनों अपने रूम में चली जाओ। हम दोनों इसी रूम में रह जाएंगे … ताकि किसी को कोई शक नहीं होगा। फिर उन्होंने ऐसा ही किया।

वो उनके रूम में चले गए, हम मतलब मैं और विक्रम इसी रूम में रह गए। रात के लगभग दो बज रहे थे। होटल के कमरे में सिर्फ मैं और विक्रम थे।

पति और सुमन दूसरे कमरे में चले गए थे, लेकिन दरवाजा थोड़ा खुला छोड़ दिया था। शायद दोनों भी सुनना और देखना चाहते थे। विक्रम ने मुझे चारों हाथ-पैर करवा दिया।

मेरी गांड हवा में उठी हुई थी। उसका मोटा, लंबा लंड पहले मेरी बूर में जोर-जोर से धक्के मार रहा था। हर धक्के के साथ मेरी बूर पच-पच की आवाज कर रही थी और मैं सिसक रही थी।

“आह्ह्ह… और जोर से… तेरा लंड मेरे पति से कितना बड़ा है… पूरी बूर फाड़ रहा है! ”तभी विक्रम ने लंड निकाल लिया। मेरी बूर से उसका गाढ़ा पानी टपकने लगा।

उसने मुझे और झुका दिया और अपना गांड का छेद मेरे मुँह के सामने ला दिया। “चाट इसे… रांड बन जा पूरी तरह! ”मैं इतनी हॉर्नी हो चुकी थी कि बिना किसी हिचक के अपना मुँह उसके गांड के छेद पर लगा दिया।

मैंने जीभ बाहर निकालकर उसके छेद को चाटना शुरू कर दिया। पहले हल्के से, फिर जोर से। मैंने छेद को फैलाया और जीभ अंदर तक डाल दी।

चूसने लगी। गंदी आवाजें निकल रही थीं – चूस-चूस, चाट-चाट। विक्रम कराह उठा – “साली… क्या जीभ है तेरी… और अंदर डाल… मेरी गांड चूस!

”मैं पागलों की तरह उसके गांड के छेद को चाट रही थी, चूस रही थी। थूक लगा-लगाकर साफ कर रही थी। इतने में मेरे पति कमरे में आ गए।

उन्होंने देखा कि उनकी बीवी दूसरे मर्द की गांड चाट रही है। पति का लंड तुरंत तनकर खड़ा हो गया। उन्होंने अपनी पैंट नीचे की और लंड हिलाने लगे।

“साली… कितनी रांड बन गई है तू! दूसरे की गांड चाट रही है मेरे सामने… आह्ह… देख के मेरा लंड और तन गया! ”मैंने पति की तरफ देखा लेकिन रुकने का नाम नहीं लिया।

बल्कि और जोर से विक्रम की गांड चूसने लगी। पति पास आकर मेरे बाल पकड़कर मेरे मुँह को और कसकर विक्रम की गांड पर दबा दिए। “और चूस… पूरी जीभ अंदर डाल रांड!

”विक्रम ने मेरी गांड के छेद पर थूक मल दिया। फिर अपना मोटा लंड मेरे गांड के छेद पर लगाया। “अब मेरी बारी… तेरी गांड फाड़ता हूँ!

”एक जोर का धक्का मारा। आधा लंड मेरे गांड के छेद में घुस गया। मैं चीख पड़ी – “उई माँ… फट गई… आह्ह्ह… धीरे… नहीं… पूरा डालो!

”विक्रम ने पूरा लंड मेरी गांड में पेल दिया। गांड का छेद उसके मोटे लंड से पूरी तरह फैल गया। वह जोर-जोर से धक्के मारने लगा।

हर धक्के के साथ मेरी गांड की मांस हिल रही थी और दर्द के साथ जबरदस्त मजा भी आ रहा था। पति मेरे मुँह में अपना लंड ठूस दिए। “अब मेरा भी चूस… दोनों की गांड और लंड चूस रांड!

”मैं एक तरफ पति का लंड चूस रही थी, दूसरी तरफ विक्रम मेरी गांड चोद रहा था। विक्रम के धक्के इतने जोरदार थे कि मेरा पूरा शरीर हिल रहा था। मेरी बूर से पहले का पानी बह रहा था और गांड के छेद से लंड अंदर-बाहर हो रहा था।

“आह्ह्ह… गांड चोदो… फाड़ दो… दोनों लंड…! ”विक्रम 15-20 मिनट तक मेरी गांड चोदता रहा। बीच-बीच में लंड निकालकर मेरी बूर में भी डाल देता, फिर वापस गांड में।

पति मेरा मुँह पकड़कर गले तक लंड ठूस रहे थे। आखिर में विक्रम ने जोर के कई धक्के मारकर मेरी गांड के छेद में ही अपना गाढ़ा माल छोड़ दिया। गर्म वीर्य मेरी गांड में भर गया और बाहर टपकने लगा।

पति ने भी मेरे मुँह में झड़ दिया। मैंने सारा निगल लिया। मैं थककर बिस्तर पर गिर गई।

मेरी गांड का छेद खुला और लाल था, उसमें से विक्रम का माल रिस रहा था। पति ने मेरी गांड फैलाकर देखा और बोले – “साली, देख तेरी गांड कितनी फट गई है… कितनी रांड बन गई तू आज! ”विक्रम मुस्कुराया और मेरे गांड के छेद से निकले माल को उंगली से लेकर मेरे मुँह में डाल दिया।

मैंने वह भी चाट लिया। उस रात हमने और दो राउंड किए। हर बार विक्रम मेरी गांड और बूर दोनों को बारी-बारी से चोदता रहा, और मैं पति के सामने और भी बेशर्म होती गई।

इसके बाद हम चारों हर बीस पच्चीस दिन या महीने भर के अन्दर मिलते रहते थे और जीवन में सेक्स के महत्व का मजा लेते रहे। पर अब मुझे डर लगा रहता है कि कहीं किसी को पता ना चल जाए। कुछ दिन बाद विक्रम का ट्रांसफर कहीं और हो गया।

वो दूसरी जगह चले गए।

Top 10 Stories on Kahani World

  1. विधवा चाची की दबी हुई आग – 8 साल की भूख
  2. सौतन और दूधवाला: रिहाना की मजबूरी – Sautan Doodhwala Hindi Sex Story
  3. डिलीवरी बॉय रजत और बुरक़ा वाली बीवी की सेक्स स्टोरी | Hindi Adult Story
  4. गांव के चरवाहे कलुआ और चाची का अनोखा राज़ – Village Hindi Adult Story
  5. भातीजी रुक्साना और उसकी सहेली की बूर की पेलाई – Part 1 | Hindi Adult Story
  6. कुंजबिहारी के कारनामे – नई चाची की सुहाग रात | Village Sex Story
  7. एक संस्कारी पत्नी की जिस्म की गर्मी – Hindi Sex Story Part-2
  8. प्रिया की चुदाई – कक पति और काला कटा लंड | Cuckold Wife Sex Story Part-2
  9. हॉट एडल्ट स्टोरी – नेहा की गरम चुत की आग
  10. पहाड़ों में तीन दोस्तों के साथ सारा की रात | Kasol Trek Sex Story

Leave a Comment